कानपुर: काशी महाकाल एक्सप्रेस पर पथराव, फर्स्ट AC कोच का कांच टूटा

कानपुर. रविवार रात वाराणसी से इंदौर जा रही काशी महाकाल एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 20415) पर पथराव की गंभीर घटना सामने आई है। गोविंदपुरी स्टेशन से रवाना होने के कुछ देर बाद, रात करीब 9 बजे, ट्रेन जैसे ही भीमसेन रेलवे स्टेशन के पास पहुंची, तभी अज्ञात लोगों ने ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच पर पत्थर फेंक दिए। इससे कोच की एक खिड़की का कांच टूट गया।

अचानक हुए हमले से अफरा-तफरी

पथराव की आवाज और कांच टूटते ही कोच में बैठे यात्रियों में हड़कंप मच गया। कुछ यात्रियों ने घबराहट में वीडियो बनाए, जिनमें कोच के भीतर टूटे कांच के टुकड़े दिखाई दे रहे हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है

रेलवे स्टाफ की त्वरित कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही कोच अटेंडेंट और रेलवे स्टाफ मौके पर पहुंचे। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए टूटे हुए कांच को तुरंत हटवाया गया, ताकि आगे किसी प्रकार की चोट न लगे। इसके बाद ट्रेन को निर्धारित मार्ग पर रवाना किया गया।

GRP ने दर्ज की FIR, आरोपियों की तलाश

GRP भीमसेन थाना प्रभारी ने बताया कि अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। प्रारंभिक जांच में यह शरारती तत्वों की हरकत मानी जा रही है। आरोपियों की पहचान के लिए आसपास के इलाकों की जांच की जा रही है, संभावित संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

इस घटना ने एक बार फिर रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर रात के समय ट्रेनों पर होने वाले पथराव को लेकर। फर्स्ट एसी जैसे सुरक्षित माने जाने वाले कोच पर हमला होना चिंता का विषय है।

प्रशासन का भरोसा

रेलवे और जीआरपी अधिकारियों का कहना है कि

  • दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा,
  • संवेदनशील रेल सेक्शन पर गश्त और निगरानी बढ़ाई जाएगी,
  • यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

यात्रियों से अपील

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यदि यात्रा के दौरान कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत कोच अटेंडेंट, टीटीई या जीआरपी को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

निष्कर्ष:
भले ही इस घटना में कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन ट्रेन पर पथराव जैसी घटनाएं गंभीर अपराध की श्रेणी में आती हैं। अब देखना होगा कि जांच में कितनी जल्दी आरोपियों की पहचान कर उन्हें कानून के शिकंजे में लिया जाता है।

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