कानपुर मंडी भाव: बेमौसम बारिश के अलर्ट के बीच सरसों और दालों की कीमतों में उछाल, गेहूं के भाव स्थिर

कानपुर | बुधवार, 8 अप्रैल 2026

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र कानपुर की अनाज मंडी में बुधवार को कारोबार का मिला-जुला रुख देखने को मिला। एक ओर जहां गेहूं और मोटे अनाजों के भाव में स्थिरता दर्ज की गई, वहीं दूसरी ओर सरसों और दलहन (विशेषकर उड़द और मूंग) की कीमतों में मजबूती आई है। बाजार में यह तेजी ऐसे समय में आई है जब मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के चलते बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है।

मंडी भाव की विस्तृत तालिका (8 अप्रैल 2026)

आज मंडी में प्रमुख जिंसों के औसत भाव (प्रति क्विंटल) इस प्रकार रहे:

जिंस (Commodity) न्यूनतम भाव (₹) अधिकतम भाव (₹) बाजार रुझान
गेहूं (Dara) 2,300 2,335 स्थिर (MSP के करीब)
सरसों (Mustard) 5,400 6,218 मजबूत
मक्का (Maize) 1,800 2,000 सामान्य
उड़द (हरी) 10,800 11,100 तेजी
मूंग (Moong) 6,000 7,800 मांग में वृद्धि
बाजरा 1,900 1,950 स्थिर
मटर 3,800 3,900 सामान्य

सरसों और दालों में तेजी के प्रमुख कारण

मंडी विशेषज्ञों के अनुसार, सरसों के भाव में मजबूती का मुख्य कारण तेल मिलों की ओर से आ रही निरंतर मांग है। इसके अलावा:

  1. सप्लाई में कमी: बेमौसम बारिश की आशंका के चलते कई किसान अपनी फसल सुरक्षित करने में जुटे हैं, जिससे मंडी में आवक थोड़ी प्रभावित हुई है।

  2. दालों की बढ़ती मांग: उड़द और मूंग के भाव ₹11,000 के पार बने हुए हैं। आने वाले लगन (शादियों के सीजन) को देखते हुए थोक व्यापारियों ने स्टॉक जमा करना शुरू कर दिया है।

कृषि और व्यापार जगत के बड़े अपडेट: matribhumisamachar.com/agriculture-market-updates

मौसम का ‘रौद्र’ रूप बढ़ा सकता है चिंता

मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए कानपुर सहित 50 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। यह समय रबी फसलों (गेहूं और सरसों) की कटाई और मड़ाई का है। यदि बारिश तेज होती है, तो कटी हुई फसल को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे आने वाले दिनों में अनाज की गुणवत्ता और कीमतों पर सीधा असर पड़ सकता है।

गेहूं की खरीद और सरकारी रुख

बाजार में गेहूं फिलहाल ₹2,300 से ₹2,335 के बीच बिक रहा है। गौरतलब है कि सरकार ने विपणन सत्र 2025-26 के लिए गेहूं की खरीद प्रक्रिया तेज कर दी है। व्यापारियों का मानना है कि सरकारी केंद्रों पर आवक शुरू होने से खुले बाजार में कीमतें स्थिर बनी रहेंगी।

आगे क्या है संभावना?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम खराब होता है, तो मंडियों में आवक घटेगी जिससे अल्पकालिक रूप से कीमतों में 2-4% की और बढ़ोतरी देखी जा सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी उपज को तिरपाल से ढककर रखें और मौसम साफ होने पर ही फसल मंडी लाएं।

व्यापारी संदेश: “बाजार अभी संतुलित है, लेकिन दालों और सरसों में तेजी के संकेत मिल रहे हैं। खरीदारों को सलाह है कि वे स्टॉक की उपलब्धता को देखते हुए अपनी योजना बनाएं।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *