मुजफ्फरपुर में फेसबुक पर सेना का फर्जी जवान बनकर युवती से ठगी, असलियत खुली तो हैरान रह गई पुलिस

मुजफ्फरपुर । मंगलवार, 7 जुलाई 2026

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से सोशल मीडिया पर धोखाधड़ी और ‘रोमांस स्कैम’ (Romance Scam) का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी हैरान कर दिया है। फेसबुक पर खुद को भारतीय सेना (Indian Army) का जांबाज जवान बताकर एक शातिर युवक ने 21 साल की युवती का न सिर्फ भरोसा जीता, बल्कि शादी का झांसा देकर उससे मोटी रकम भी ऐंठ ली।

जब इस पूरी कहानी के पीछे का सच सामने आया, तो पीड़िता के पैरों तले जमीन खिसक गई। खुद को देश का रक्षक बताने वाला वह युवक असल में एक साइकिल की दुकान पर पंचर बनाने का काम करता था और पहले से शादीशुदा भी था। मामले में मुजफ्फरपुर के सदर थाना की पुलिस ने मुख्य आरोपी मो. अरमान समेत छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

जनवरी में आई थी फेसबुक पर ‘फ्रेंड रिक्वेस्ट’

सकरा थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता ने पुलिस को दी गई अपनी लिखित शिकायत में बताया कि जनवरी 2026 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर उसे मो. अरमान नाम के एक युवक की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। युवती ने उसे स्वीकार कर लिया, जिसके बाद दोनों के बीच मैसेंजर पर बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ। धीरे-धीरे यह बातचीत नजदीकियों में बदल गई और दोनों एक-दूसरे के साथ प्रेम संबंध में आ गए।

युवती का आरोप है कि बातचीत की शुरुआत से ही आरोपी अरमान ने खुद को भारतीय सेना का जवान बताया था। उसने पीड़िता को पूरा विश्वास दिलाया कि वह उससे बेहद प्यार करता है और जल्द ही शादी के बंधन में बंध जाएगा।

कमांडो की वर्दी और नकली हथियार दिखाकर जीता भरोसा

पीड़िता को आरोपी की बातों पर कोई शक न हो, इसके लिए उसने बेहद शातिर तरीका अपनाया। पहली मुलाकात से पहले आरोपी ने सेना के जवानों जैसा हेयरकट (फौजी कट) कराया और कमांडो जैसी दिखने वाली वर्दी पहनकर युवती से मिलने पहुंचा।

इतना ही नहीं, व्हाट्सएप (WhatsApp) वीडियो कॉल के दौरान भी वह अक्सर सेना की वर्दी पहनकर और हाथ में हथियार (राइफल/बंदूक) लेकर बैठता था। स्क्रीन पर देश के सैनिक के रूप में उसे देखकर युवती उस पर पूरी तरह से आंख मूंदकर भरोसा करने लगी।

‘पाकिस्तान बॉर्डर’ और ‘आतंकवादियों’ की झूठी कहानियां सुनाकर ऐंठे पैसे

विश्वास जीतने के बाद आरोपी ने युवती को आर्थिक रूप से निशाना बनाना शुरू कर दिया। उसने पीड़िता को भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करने के लिए मनगढ़ंत कहानियां गढ़नी शुरू कीं। कभी वह व्हाट्सएप पर रोते हुए खुद को पाकिस्तान सीमा (Pakistan Border) पर तैनात बताता और कहता कि उसकी जान खतरे में है, तो कभी दावा करता कि वह आतंकवादियों के कब्जे में फंस गया है और उसे तत्काल पैसों की जरूरत है। देश के जवान की मदद करने की भावना और प्यार के जाल में फंसी युवती ने बिना सोचे-समझे कई बार में ऑनलाइन माध्यमों (UPI/Net Banking) से उसे पैसे ट्रांसफर कर दिए।

जब खुली साइकिल दुकान पर पंचर बनाने वाले की पोल

कुछ समय बाद जब युवती को आरोपी के व्यवहार पर थोड़ा संदेह हुआ, तो उसने अपने स्तर से मो. अरमान के बारे में पड़ताल शुरू की। जांच-पड़ताल में जो सच्चाई सामने आई, उसने युवती को पूरी तरह तोड़कर रख दिया। जिसे वह सेना का कमांडो समझ रही थी, वह कोई सैनिक नहीं बल्कि एक साइकिल की दुकान पर पंचर बनाने का काम करने वाला मामूली मैकेनिक था। इतना ही नहीं, वह पहले से शादीशुदा भी था और उसने अपनी शादी की बात भी युवती से छिपाई थी।

विरोध करने पर मारपीट, जातिसूचक शब्द और जान से मारने की धमकी

धोखे की बात सामने आने के बाद जब पीड़िता अपनी मां और चाचा के साथ आरोपी के घर पहुंची और अपने पैसे वापस मांगते हुए विरोध जताया, तो आरोपी और उसके परिवार वाले हिंसा पर उतारू हो गए। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी के परिजनों ने उनके साथ बुरी तरह मारपीट की, उन्हें जातिसूचक शब्द कहे (जो SC/ST एक्ट के तहत गंभीर अपराध है) और हथियार लहराते हुए जान से मारने और वहीं दफना देने की धमकी दी। स्थिति बिगड़ती देख युवती ने तुरंत ‘डायल 112’ पर कॉल कर पुलिस से मदद की गुहार लगाई।

डिजिटल सबूतों के आधार पर छह लोगों पर केस दर्ज, पुलिस की छापेमारी जारी

पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस को वे तमाम डिजिटल साक्ष्य (Digital Evidence) सौंप दिए हैं, जो आरोपी को सलाखों के पीछे भेजने के लिए काफी हैं। इन सबूतों में:

  1. आरोपी की सेना की वर्दी और हथियार वाली तस्वीरें।

  2. व्हाट्सएप वीडियो कॉल के स्क्रीनशॉट।

  3. ऑनलाइन बैंक लेनदेन और यूपीआई पेमेंट से जुड़े दस्तावेज।

मुजफ्फरपुर सदर थाना पुलिस इन सभी डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कर रही है। पुलिस ने मुख्य आरोपी मो. अरमान सहित छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे।

इस मामले से क्या सीख मिलती है? (ऑनलाइन लव स्कैम से कैसे बचें)

यह घटना डिजिटल दौर में सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर बड़ी चेतावनी है। साइबर विशेषज्ञ और पुलिस हमेशा सलाह देते हैं:

  • अंधविश्वास से बचें: सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति की प्रोफाइल, उसकी वर्दी या तस्वीरों को देखकर उसे सच न मानें। आज के दौर में नकली वर्दी और नकली आईडी बनाना बेहद आसान है।

  • वित्तीय लेनदेन न करें: यदि कोई सोशल मीडिया फ्रेंड (चाहे वह खुद को सेना, पुलिस या डॉक्टर बताए) अचानक बीमारी, बॉर्डर पर फंसे होने या किसी इमरजेंसी का बहाना बनाकर पैसे मांगे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।

  • पृष्ठभूमि की जांच करें: किसी भी रिश्ते में आगे बढ़ने से पहले उस व्यक्ति के कार्यस्थल, घर या दोस्तों के जरिए उसकी जमीनी असलियत की पुष्टि जरूर करें।

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