तरुण हत्याकांड: ‘योगी मॉडल’ जैसा न्याय और CBI जांच की मांग, पीड़ित पिता ने दिल्ली सरकार से लगाई गुहार

Saransh Kanaujia
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नई दिल्ली. देश की राजधानी के उत्तम नगर इलाके में होली के दिन हुई तरुण नाम के युवक की नृशंस हत्या ने पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। मृतक तरुण के पिता, मेमराज ने अब इस मामले में दिल्ली सरकार से उत्तर प्रदेश के ‘योगी मॉडल’ की तर्ज पर त्वरित और सख्त न्याय की मांग की है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी, जिसे अंजाम देने के लिए होली के त्योहार को चुना गया।

15-20 लोगों की भीड़ और बड़ी साजिश का आरोप

तरुण के पिता मेमराज, जो पेशे से पुताई का काम करते हैं, ने पुलिस कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि हमले के वक्त 15 से 20 लोग मौजूद थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने अब तक केवल 6 आरोपियों को ही गिरफ्तार किया है।

परिवार का मानना है कि इस घटना के पीछे किसी गहरे षड्यंत्र का हाथ है, जिसका उद्देश्य इलाके में सांप्रदायिक तनाव या दंगा भड़काना था। इसी कारण उन्होंने मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) से कराने की मांग की है।

मुख्य साजिशकर्ता पर गंभीर आरोप

पीड़ित पिता के अनुसार, इस पूरे हत्याकांड की मास्टरमाइंड इलाके में कपड़ों की रंगाई का काम करने वाली एक महिला है। आरोप है कि:

  • महिला ने जानबूझकर विवाद शुरू किया।

  • एक सोची-समझी रणनीति के तहत भारी भीड़ को इकट्ठा किया गया।

  • तरुण, जो शांत स्वभाव का था और विवाद से अनभिज्ञ था, उसे निशाना बनाया गया।

“मेरा बेटा तो बस होली खेलकर घर लौट रहा था। उसका किसी से कोई झगड़ा नहीं था। यह हमला अचानक नहीं, बल्कि पूरी तैयारी के साथ किया गया था।” — मेमराज (मृतक के पिता)

डिजिटल मार्केटिंग में करियर बनाने का था सपना

20 वर्षीय तरुण अपने परिवार का भविष्य था। वह डिजिटल मार्केटिंग का कोर्स कर रहा था और उसकी नौकरी लगने ही वाली थी। मेमराज ने बताया कि तरुण बेहद होनहार था और अपने गरीब परिवार की स्थिति सुधारना चाहता था। उसकी मौत ने न केवल एक जान ली है, बल्कि एक पूरे परिवार के सपनों को कुचल दिया है।

मुख्यमंत्री और आतिशी से गुहार

पीड़ित परिवार ने दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी (Atishi) से अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें। परिवार की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:

  1. फास्ट ट्रैक कोर्ट: मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो ताकि दोषियों को जल्द फांसी की सजा मिले।

  2. बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी: फरार चल रहे अन्य 10-12 हमलावरों को तुरंत पकड़ा जाए।

  3. सुरक्षा और मुआवजा: पीड़ित परिवार को सुरक्षा और आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

आगामी कदम

उत्तम नगर की यह घटना दिल्ली में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न है। क्या दिल्ली पुलिस पीड़ित परिवार के विश्वास को बहाल कर पाएगी? क्या सरकार इस मामले में यूपी जैसी ‘त्वरित कार्रवाई’ सुनिश्चित करेगी? यह देखना अभी बाकी है। पीड़ित परिवार ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उन्हें पूर्ण न्याय नहीं मिलता, वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

👉 उत्तम नगर तरुण हत्याकांड की विस्तृत रिपोर्ट – Matribhumi Samachar

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