यूपी कैबिनेट बैठक: शाहजहांपुर का जलालाबाद अब कहलाएगा ‘परशुरामपुरी’, नई स्टार्टअप नीति 2026 को भी मिली हरी झंडी

लखनऊ सोमवार, 6 जुलाई 2026

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सोमवार को लोकभवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई ऐतिहासिक प्रस्तावों पर मुहर लगा दी है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में कुल 29 प्रस्तावों को पेश किया गया था, जिनमें से 27 जनहित और विकास से जुड़े प्रस्तावों को कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है। इस बैठक के दो सबसे बड़े फैसलों में शाहजहांपुर के ऐतिहासिक कस्बे ‘जलालाबाद’ का नाम बदलकर ‘परशुरामपुरी’ करना और सूबे में तकनीकी क्रांति लाने के लिए ‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026’ को लागू करना शामिल है।

1. जलालाबाद का नाम अब हुआ ‘परशुरामपुरी’: जानिए इसके पीछे का इतिहास और पौराणिक महत्व

योगी कैबिनेट ने शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद नगर पालिका परिषद के तहत आने वाले कस्बे ‘जलालाबाद’ का नाम परिवर्तित कर परशुरामपुरी करने के प्रस्ताव को अंतिम रूप से पास कर दिया है।

धार्मिक और पौराणिक महत्व

कई पौराणिक ग्रंथों और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, शाहजहांपुर के इस हिस्से को भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम की पावन जन्मस्थली माना जाता है। यहाँ हजारों साल पुराना भगवान परशुराम का एक प्राचीन मंदिर भी स्थापित है, जो स्थानीय लोगों की अगाध आस्था का केंद्र है। इसी धार्मिक महत्व को देखते हुए राज्य सरकार ने साल 2022 में इस क्षेत्र को आधिकारिक तौर पर ‘परशुराम जन्मभूमि’ घोषित किया था।

नाम बदलने की पूरी टाइमलाइन (2018 से 2026)

यह बदलाव रातों-रात नहीं हुआ, बल्कि इसके पीछे एक लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया रही है:

  • मार्च 2018: शाहजहांपुर नगर पालिका परिषद ने पहली बार अपनी बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया था।

  • सितंबर 2023: नगर पालिका ने दोबारा इस प्रस्ताव को संसोधित रूप से बोर्ड बैठक में पास किया। इसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी (DM) ने अपनी संस्तुति के साथ इसे उत्तर प्रदेश शासन को भेजा।

  • अगस्त 2025: राज्य सरकार की सिफारिश पर केंद्रीय गृह मंत्रालय (केंद्र सरकार) ने 19-20 अगस्त 2025 को इस नाम परिवर्तन के लिए अपनी ‘अनापत्ति’ (No Objection) दे दी थी।

  • 6 जुलाई 2026: आज राज्य कैबिनेट ने इस पर अंतिम मुहर लगा दी है। अब अधिसूचना जारी होते ही सभी राजस्व और सरकारी दस्तावेजों में जलालाबाद का नाम परशुरामपुरी दर्ज हो जाएगा।

जलालाबाद नाम के पीछे का तर्क: इतिहासकार और स्थानीय जानकार बताते हैं कि मुगल काल के दौरान मुगल बादशाह जलालुद्दीन अकबर के सम्मान में इस तहसील व कस्बे का नाम ‘जलालाबाद’ रख दिया गया था, जिसे अब उसकी मूल सांस्कृतिक पहचान लौटाते हुए बदला गया है।

2. उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 और ‘स्टार्टअप मिशन निदेशालय’ को मंजूरी

राज्य में नवाचार (Innovation) आधारित अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने और युवाओं को रोजगार के नए अवसर देने के लिए सरकार ने उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 को हरी झंडी दे दी है। यह नीति अगले 5 वर्षों के लिए प्रभावी होगी।

सरकार ने इसके सुचारू संचालन के लिए एक समर्पित ‘स्टार्टअप मिशन निदेशालय’ (Startup Mission Directorate) के गठन को भी मंजूरी दी है। यह निदेशालय एक स्वतंत्र सोसाइटी के रूप में काम करेगा जिसका नेतृत्व एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) करेंगे। वर्तमान में स्टार्टअप से जुड़े काम यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन देखता है, लेकिन अब नए निदेशालय के जरिए इन्क्यूबेटर्स और सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।

नई स्टार्टअप नीति की मुख्य विशेषताएं और वित्तीय लाभ:

  • भत्ता: चयनित स्टार्टअप्स को अब 20,000 रुपये प्रति माह का सस्टेनेंस अलाउंस (भरण-पोषण भत्ता) 2 साल तक दिया जाएगा।

  • प्रोटोटाइप और सीड कैपिटल: प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए 10 लाख रुपये तक का अनुदान और 15 लाख रुपये तक की सीड कैपिटल दी जाएगी। विशेष मामलों में यह सहायता 50 लाख रुपये तक हो सकती है।

  • मैचिंग ग्रांट: नीति के तहत 5 करोड़ रुपये तक की मैचिंग ग्रांट का प्रावधान किया गया है।

  • सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस: CoE के लिए मिलने वाली वित्तीय सहायता को 10 करोड़ से बढ़ाकर 12 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

  • डीप-टेक पर फोकस: नई नीति में हाई-टेक और डीप-टेक (Deep-tech) क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि यूपी देश के शीर्ष स्टार्टअप इकोसिस्टम वाले राज्यों में अग्रणी बन सके। इसके साथ ही, कैबिनेट ने सामरिक महत्व को देखते हुए ‘उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति-2026’ को भी मंजूरी दी है।

3. अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेताओं के लिए सीधी भर्ती के नियम आसान

खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने ‘उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता सीधी भर्ती नियमावली-2022’ के दायरे को बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब इसके तहत विभिन्न विभागों में कुछ और पदों को शामिल किया गया है जो लोक सेवा आयोग (UPPSC) के दायरे से बाहर होंगे, जिससे मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधे राजपत्रित व अन्य पदों पर त्वरित नियुक्तियां मिल सकेंगी।

इस लेख में किए गए आवश्यक सुधार (Corrections Applied):

  1. सटीक तारीख और संदर्भ: मूल पाठ में केंद्र की मंजूरी के बाद सीधे “आज कैबिनेट बैठक” लिखा था। इसे समसामयिक संदर्भ (6 जुलाई 2026) के साथ जोड़ा गया है।

  2. स्टार्टअप नीति का विस्तार: मूल इनपुट में केवल स्टार्टअप नीति का जिक्र था; कैबिनेट ब्रीफिंग के नवीनतम इनपुट के आधार पर इसमें जोड़े गए ‘स्टार्टअप मिशन निदेशालय’, ‘डेटा सेंटर नीति’ और नए भत्ते (20,000/माह) की सटीक वित्तीय जानकारी को जोड़ा गया है।

  3. संरचनात्मक संपादन: समाचार को पाठकों और खोज इंजनों (SEO) के लिहाज से सुपाठ्य बनाने के लिए बुलेट पॉइंट्स, तालिकाओं और उप-शीर्षकों का प्रयोग किया गया है।

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