पहलगाम आतंकी हमला: पीड़ित के परिवार पर अभद्र टिप्पणी करने वाले सानूफ पर लगा UAPA, सऊदी अरब से लौटते ही हुआ गिरफ्तार

तिरुवनंतपुरम । सोमवार, 6 जुलाई 2026

केरल पुलिस ने सोशल मीडिया पर राष्ट्रविरोधी और आपत्तिजनक गतिविधियों के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई की है। पिछले साल अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में जान गंवाने वाले कोच्चि के एन. रामचंद्रन की बेटी के एक वीडियो पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोपी मुहम्मद सानूफ के खिलाफ पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी पर गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) के तहत केस दर्ज किया है।

हवाई अड्डे पर लुकआउट नोटिस के आधार पर हिरासत

मलप्पुरम जिले के ऐक्करप्पाडी का रहने वाला 26 वर्षीय मुहम्मद सानूफ खाड़ी देश सऊदी अरब में रह रहा था। पिछले साल कोल्लम की मुट्टम पुलिस ने भारतीय जनता युवा मोर्चा के एक स्थानीय नेता की शिकायत पर सानूफ के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की थी। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ एक लुकआउट नोटिस जारी किया।

शनिवार, 4 जुलाई 2026 को जैसे ही सानूफ सऊदी अरब से लौटकर कालीकट इंटरनेशनल एयरपोर्ट (करिपुर हवाई अड्डे) पर उतरा, सुरक्षा एजेंसियों ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया। करिपुर पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे मुट्टम पुलिस के हवाले कर दिया।

मोबाइल जांच के बाद जोड़ी गईं UAPA की धाराएं

शुरुआत में यह मामला सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की धाराओं के तहत दर्ज था। लेकिन मुट्टम पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी से गहन पूछताछ और उसके मोबाइल फोन की विस्तृत डिजिटल फॉरेंसिक जांच के बाद पुलिस को कुछ बेहद संवेदनशील और पुख्ता सबूत मिले हैं।

इन शुरुआती सबूतों के आधार पर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देश की सुरक्षा और संप्रभुता से जोड़कर देखा और सानूफ के खिलाफ UAPA की सख्त धाराएं जोड़ दीं। आरोपी को फिलहाल न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, और पुलिस विस्तृत पूछताछ के लिए कोर्ट से उसकी कस्टडी मांगने की तैयारी कर रही है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मामले के व्यापक नेटवर्क को देखते हुए इसकी जांच जल्द ही क्राइम ब्रांच (Crime Branch) या एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) को सौंपी जा सकती है।

राजनीतिक घमासान और तुष्टीकरण के आरोप

इस बड़ी गिरफ्तारी और सख्त धाराओं के बाद केरल की राजनीति में भी उबाल आ गया है। भाजपा के प्रदेश नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाते हुए केरल सरकार और विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया है।

नेताओं का कहना है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि सालों से चली आ रही तुष्टीकरण की राजनीति का नतीजा है कि केरल का एक युवा इस तरह मतिभ्रम (radicalized) का शिकार हो जाता है कि वह अपने ही राज्य के एक नागरिक की आतंकी हमले में हुई निर्मम हत्या का जश्न मनाने लगता है। उन्होंने राज्य के युवाओं से अपील की है कि वे इस तरह की विनाशकारी और कट्टरपंथी विचारधारा से दूर रहकर भारत की विकास यात्रा से जुड़ें।

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