पंजाब में 3 घंटे के भीतर दो धमाके: अमृतसर और जालंधर में दहशत, खालिस्तानी एंगल की जांच शुरू

चंडीगढ़ । बुधवार, 6 मई 2026

पंजाब एक बार फिर धमाकों की गूँज से दहल उठा है। मंगलवार रात मात्र तीन घंटे के अंतराल में अमृतसर और जालंधर में हुए दो संदिग्ध विस्फोटों ने सीमावर्ती राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पूरी घटना: क्या हुआ और कब हुआ?

  • जालंधर धमाका (रात 8:15 बजे): जालंधर के व्यस्त BSF चौक स्थित सीमा सुरक्षा बल (BSF) के पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर एक डिलीवरी स्कूटी में भीषण धमाका हुआ। शुरुआती रिपोर्टों में इसे शॉर्ट सर्किट या आग बताया गया था, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों और CCTV फुटेज के बाद इसे सुनियोजित धमाका माना जा रहा है।

  • अमृतसर धमाका (रात 10:50 – 11:15 बजे): जालंधर की घटना के अभी कुछ ही घंटे बीते थे कि अमृतसर के खासा आर्मी कैंट इलाके से तेज धमाके की आवाज आई। बाइक सवार नकाबपोशों ने सेना के कैंप की दीवार की ओर विस्फोटक फेंका और फरार हो गए।

नवीनतम अपडेट 

प्रारंभिक सूचनाओं के बाद अब जांच एजेंसियों ने कुछ महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किए हैं:

  1. स्कूटी धमाके की प्रकृति: पहले इसे सामान्य आग माना जा रहा था, लेकिन अब खालिस्तान लिबरेशन आर्मी (KLA) ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस धमाके की जिम्मेदारी ली है। पुलिस इस दावे की सत्यता की जांच कर रही है।

  2. IED का संदेह: फॉरेंसिक टीमों (FSL) को घटनास्थल से लोहे के छर्रे और विस्फोटक सामग्री के अवशेष मिले हैं, जो IED (Improvised Explosive Device) के इस्तेमाल की पुष्टि करते हैं।

  3. NIA की एंट्री: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीमें दिल्ली से पंजाब के लिए रवाना हो चुकी हैं ताकि आतंकी साजिश के इनपुट खंगाले जा सकें।

  4. हताहतों की स्थिति: राहत की बात यह है कि अमृतसर में कोई घायल नहीं हुआ, हालांकि जालंधर में धमाके के वक्त पास मौजूद एक व्यक्ति मामूली रूप से झुलसा है।

राजनीतिक सरगर्मी और सुरक्षा अलर्ट

धमाकों के बाद पंजाब पुलिस ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। अमृतसर ग्रामीण SSP सोहेल कासिम मीर ने बताया कि खासा इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। वहीं, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और सुखबीर सिंह बादल ने सरकार को सुरक्षा व्यवस्था में ‘गंभीर चूक’ के लिए घेरा है।

महत्वपूर्ण नोट: अमृतसर का खासा क्षेत्र अटारी-वाघा बॉर्डर से मात्र 15-20 किमी दूर है, जिससे इस घटना के पीछे सीमा पार के तत्वों का हाथ होने की आशंका और बढ़ जाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *