बोकारो: CISF की महिला एएसआई ‘लव ट्रैप’ की शिकार, पहचान छिपाकर शादी और धर्म परिवर्तन के दबाव का आरोप

रांची | बुधवार, 20 मई 2026

झारखंड के बोकारो जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में तैनात एक महिला सहायक उपनिरीक्षक (ASI) ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि गोरखपुर निवासी आफताब आलम ने वर्ष 2009 में अपनी पहचान ‘राजू’ के रूप में बताकर उन्हें प्रेम जाल में फंसाया था।

उस समय पीड़िता मात्र 14 वर्ष की थी और भोपाल के एक स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय स्तर की एथलेटिक खिलाड़ी के रूप में प्रशिक्षण ले रही थी। आरोपी ने न केवल अपनी धार्मिक पहचान छुपाई, बल्कि शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए और पीड़िता की आपत्तिजनक तस्वीरें भी ले लीं।

नौकरी के बाद शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल

वर्ष 2016 में जब पीड़िता की नियुक्ति सीआईएसएफ में हुई, तब आरोपी ने उन पर शादी का दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि आफताब ने उनकी नग्न तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी दी, जिसके डर से उन्हें शादी के लिए राजी होना पड़ा। गाजियाबाद के मैरिज रजिस्ट्रार कार्यालय में शादी के दौरान पीड़िता को पहली बार पता चला कि ‘राजू’ का असली नाम आफताब आलम है।

धर्म परिवर्तन और प्रताड़ना के गंभीर आरोप

महिला अधिकारी ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि शादी के बाद से ही उन पर पूजा-पाठ छोड़ने और इस्लाम अपनाने का दबाव बनाया जाने लगा। पीड़िता के अनुसार:

  • आरोपी उन्हें ‘जन्नत’ का हवाला देकर धर्म बदलने के लिए मजबूर करता था।

  • विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की जाती थी।

  • उनकी अनुपस्थिति में उनकी छोटी बेटी के साथ भी दुर्व्यवहार किया जाता था।

  • आरोपी ने पीड़िता के नाम पर धोखाधड़ी से भारी कर्ज (लोन) भी ले लिया है।

पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

महिला एएसआई की शिकायत पर बोकारो महिला थाना में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है।

  • आरोपी को समन: पुलिस ने आफताब आलम को पूछताछ के लिए तलब किया है।

  • साक्ष्यों का संकलन: पुलिस उन तस्वीरों और डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है जिनका उपयोग ब्लैकमेलिंग के लिए किया गया।

  • संभावित धाराएं: आरोपी पर धोखाधड़ी, जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयास (झारखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत) और घरेलू हिंसा की धाराओं में मामला चल रहा है।

नोट: सोशल मीडिया पर चल रही कुछ अपुष्ट खबरों में इसे केवल आपसी विवाद बताया जा रहा है, लेकिन आधिकारिक प्राथमिकी में ‘पहचान छिपाने’ और ‘अश्लील तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेलिंग’ का स्पष्ट उल्लेख है, जो इसे आपराधिक मामला बनाता है।

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