बड़ी कामयाबी: दिल्ली पुलिस ने तोड़ा ISI का हथियार नेटवर्क, IGI एयरपोर्ट से दबोचे गए मास्टरमाइंड के गुर्गे

Saransh Kanaujia
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नई दिल्ली | सोमवार, 6 अप्रैल, 2026

राजधानी दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त किया है, जिसके तार सीधे तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े होने का दावा किया जा रहा है। इस मामले में अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें ताज़ा गिरफ्तारियां दिल्ली के IGI एयरपोर्ट से हुई हैं।

UAPA के तहत कार्रवाई और मास्टरमाइंड का कनेक्शन

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इस सिंडिकेट के खिलाफ Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड शाहबाज अंसारी है, जो फिलहाल बांग्लादेश में छिपा हो सकता है। शाहबाज अंसारी का नाम पहले भी सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से जुड़े हथियार नेटवर्क में सामने आ चुका है।

IGI एयरपोर्ट से दबोचे गए मुख्य गुर्गे

क्राइम ब्रांच ने ताजा कार्रवाई में इमरान (37) और मोहम्मद कमरान (27) को आईजीआई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया। इनके खिलाफ पहले ही लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया था।

  • इमरान: अपने भाई के साथ डेयरी व्यवसाय की आड़ में नेटवर्क संभाल रहा था।

  • कमरान: बुलंदशहर में चूड़ी की दुकान पर काम करता था।

    ये दोनों नेपाल के रास्ते पाकिस्तान से भेजे गए हथियारों की खेप रिसीव करने और उन्हें सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाने का काम करते थे।

पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते भारत आते थे ‘विदेशी हथियार’

पुलिस ने इस ऑपरेशन के दौरान 21 घातक विदेशी हथियार बरामद किए हैं, जिनमें:

  • सब-मशीन गन (SMG)

  • ब्राजील, जर्मनी, इटली और तुर्की निर्मित अत्याधुनिक पिस्तौलें

  • 200 से अधिक कारतूस

तस्करी का तरीका: हथियार पाकिस्तान से नेपाल भेजे जाते थे, जहाँ से उन्हें डिसमेंटल (टुकड़ों में) करके भारत लाया जाता था। दिल्ली और एनसीआर के सुरक्षित ठिकानों पर इन्हें वापस असेंबल (जोड़ा) कर गैंगस्टरों को सप्लाई किया जाता था।

हवाला और एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल

जांच में खुलासा हुआ है कि यह नेटवर्क पकड़े जाने से बचने के लिए बेहद आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल कर रहा था:

  1. पेमेंट: हथियारों के लिए पैसों का लेनदेन हवाला के जरिए किया जाता था।

  2. कम्युनिकेशन: आरोपी बातचीत के लिए VoIP कॉल्स और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते थे।

  3. सिम कार्ड: पुलिस को चकमा देने के लिए ये लगातार फर्जी आईडी पर लिए गए सिम कार्ड बदलते रहते थे।

आतंकी साजिश और गैंगस्टरों से साठगांठ

पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए हथियार दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और अन्य राज्यों के बड़े गैंगस्टर सिंडिकेट्स को सप्लाई किए जाने थे। सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि इस मॉड्यूल का मकसद केवल तस्करी नहीं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा को अस्थिर करना और लक्षित हत्याओं (Target Killings) को अंजाम देना था।

अधिकारियों का बयान: जॉइंट कमिश्नर (क्राइम) ने बताया कि शाहबाज अंसारी और उसके साथियों के खिलाफ छापेमारी जारी है। आईजीआई एयरपोर्ट से हुई ताज़ा गिरफ्तारियों के बाद कई अन्य राज्यों में भी दबिश दी जा रही है।

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