तेहरान में आयतुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार: ट्रंप और नेतन्याहू के खिलाफ फूटा लाखों की भीड़ का गुस्सा

तेहरान । रविवार, 5 जुलाई 2026

ईरान की राजधानी तेहरान में इन दिनों गहरा शोक और भारी तनाव का माहौल है। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम के दौरान तेहरान की सड़कों पर लाखों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। ईरान-इजराइल युद्ध (2026) के दौरान इसी साल 28 फरवरी को एक हवाई हमले में मारे गए खामेनेई के पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई देने के लिए पूरे देश से शोक संतप्त लोग तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला (Imam Khomeini Mosalla) में एकत्रित हुए।

इस विशाल और भावुक कर देने वाले शोक कार्यक्रम के दौरान न केवल दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी गई, बल्कि अमेरिका और इजराइल के खिलाफ ईरान के लोगों का भारी आक्रोश भी देखने को मिला।

मंच से गूंजी ट्रंप की मौत की मांग

अंतिम संस्कार के इस बेहद संवेदनशील माहौल के बीच ईरान के एक प्रसिद्ध कवि और कलाकार मोहम्मद रसौली ने लाउडस्पीकर पर बोलते हुए सीधे तौर पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर निशाना साधा। रसौली ने बिना किसी का सीधा नाम लिए भीड़ से एक तीखा सवाल पूछा:

“दुनिया का सबसे नीच आदमी अभी भी जीवित क्यों है, जिसने हमारे इमाम की हत्या का आदेश दिया था?”

यहाँ ‘इमाम’ और हत्या का संदर्भ स्पष्ट रूप से जनवरी 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए कुद्स फोर्स के पूर्व कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी से था, जिनकी हत्या का आदेश तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिया था। रसौली के इस बयान के बाद तेहरान की सड़कों पर मौजूद लाखों की भीड़ ने ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ (Down with USA) और ‘इजराइल मुर्दाबाद’ के गगनभेदी नारे लगाए। कवि ने आगे कहा कि ऐसे लोगों के लिए अब यह दुनिया रहने लायक जगह नहीं बची है, जिस पर उपस्थित लाखों लोगों ने जोरदार तालियां बजाकर अपनी सहमति जताई।

ट्रंप और नेतन्याहू के पोस्टर और भित्तिचित्रों से पटा तेहरान

इस ऐतिहासिक शोक सभा के दौरान तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला और आसपास के रास्तों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की हत्या की मांग करने वाले बड़े-बड़े बैनर, पोस्टर और भित्तिचित्र (Graffiti) प्रदर्शित किए गए थे।

हालिया सुरक्षा घटनाक्रमों और पश्चिमी देशों के साथ जारी युद्ध के चलते ईरानी नागरिकों में भारी रोष है। ईरान सरकार द्वारा घोषित 40 दिनों के आधिकारिक शोक के अंतिम चरणों के तहत यह विशाल जनसमूह उमड़ा है।

शीर्ष नेतृत्व और धार्मिक गुरुओं ने दी विदाई

अंतिम संस्कार के मुख्य धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान 97 वर्षीय वरिष्ठ शिया धर्मगुरु अयातुल्ला जाफर सोभानी ने खामेनेई और उनके परिवार के लिए विशेष जनाजे की प्रार्थना (अंतिम संस्कार की प्रार्थना) का नेतृत्व किया।

इस दुखद घड़ी में ईरान का पूरा शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व एक साथ खड़ा दिखाई दिया। अंतिम संस्कार कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल होने वाले नेताओं में शामिल रहे:

  1. मसूद पेजेश्कियन – ईरान के राष्ट्रपति

  2. मोहम्मद बगेर कलीबाफ – संसद अध्यक्ष

  3. जनरल अहमद वाहिदी – रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के प्रमुख

  4. इस्माइल कानी – कुद्स फोर्स के कमांडर

    इसके साथ ही दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्ला खामेनेई के बेटे मसूद, मेसम और मुस्तफा भी अपने पिता को अंतिम विदाई देने के लिए अग्रिम पंक्ति में मौजूद रहे।

तेहरान में इस तीन दिवसीय शोक कार्यक्रम और सार्वजनिक जुलूस के बाद, दिवंगत सर्वोच्च नेता के पार्थिव शरीर को पवित्र शहर मशहद ले जाया जाएगा, जहाँ इमाम रज़ा दरगाह (Imam Reza Shrine) में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक (Burial) किया जाएगा।

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