बिहार में सत्ता परिवर्तन के संकेत: नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए किया नामांकन, अमित शाह रहे मौजूद

पटना. बिहार की राजनीति में गुरुवार का दिन सत्ता के संभावित हस्तांतरण और एक नए राजनीतिक समीकरण का गवाह बना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जो दो दशकों से अधिक समय से राज्य की कमान संभाल रहे हैं, उन्होंने पहली बार राज्यसभा जाने के लिए नामांकन दाखिल किया। उनके साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और एनडीए के अन्य सहयोगियों ने भी पर्चा भरा।

प्रमुख बिंदु: नामांकन की बड़ी बातें

  • तीन राष्ट्रीय अध्यक्षों का साथ: यह दुर्लभ क्षण था जब तीन दलों के राष्ट्रीय अध्यक्षों—नीतीश कुमार (JDU), नितिन नबीन (BJP), और उपेंद्र कुशवाहा (RLM)—ने एक साथ नामांकन किया।

  • अमित शाह की मौजूदगी: गृह मंत्री अमित शाह का पटना पहुंचना इस बात का संकेत है कि भाजपा बिहार में ‘नेतृत्व परिवर्तन’ और भविष्य की रणनीति को लेकर पूरी तरह तैयार है।

  • नीतीश कुमार का भावुक संदेश: नामांकन से पहले नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर साझा किया कि उनके मन में हमेशा से संसद और विधानमंडल के चारों सदनों (विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा) का सदस्य बनने की इच्छा थी, जो अब पूरी हो रही है।

NDA के 5 उम्मीदवार जिन्होंने भरा पर्चा

उम्मीदवार दल वर्तमान भूमिका / पद
नीतीश कुमार JDU मुख्यमंत्री, बिहार
नितिन नबीन BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाजपा
उपेंद्र कुशवाहा RLM राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय लोक मोर्चा
रामनाथ ठाकुर JDU केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री
शिवेश कुमार BJP प्रदेश महामंत्री, भाजपा

अगला मुख्यमंत्री कौन? अटकलें तेज

नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन के साथ ही बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि 16 मार्च को चुनाव परिणाम के बाद नीतीश कुमार इस्तीफा दे सकते हैं।

  • भाजपा का दावा: कयास लगाए जा रहे हैं कि बिहार में पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री हो सकता है। सम्राट चौधरी और नित्यानंद राय के नाम रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं।

  • निशांत कुमार की एंट्री: सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार भी सक्रिय राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं और उन्हें पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।

विपक्ष का प्रहार

राजद नेता तेजस्वी यादव ने इस कदम पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने नीतीश कुमार को “हाईजैक” कर लिया है और उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटने पर मजबूर किया गया है।

अगले चरण:

  • 6 मार्च: नामांकन पत्रों की जांच।

  • 9 मार्च: नाम वापसी की अंतिम तिथि।

  • 16 मार्च: मतदान और चुनाव परिणाम।

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