कानपुर: ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ की तीसरी आंख से नहीं बच सके लुटेरे; ऑटो गैंग के 4 शातिर गिरफ्तार

कानपुर. शहर में अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित की है। सीसामऊ पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और सर्विलांस की मदद से ऑटो में सवारियों के साथ लूटपाट करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 4 शातिर लुटेरों को गिरफ्तार किया है।

वारदात का तरीका: सवारी बनकर देते थे झांसा

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह एक संगठित तरीके से काम करता था। गिरोह के सदस्य ऑटो रिक्शा में पहले से सवारी बनकर बैठ जाते थे। जब कोई वास्तविक यात्री ऑटो में बैठता, तो ये लोग उसे बीच में दबा लेते और रास्ते में डरा-धमकाकर या नशीला पदार्थ सुंघाकर मोबाइल, नकदी और कीमती सामान लूट लेते थे। लूट के बाद ये सुनसान इलाके में सवारी को उतारकर फरार हो जाते थे।

ऑपरेशन त्रिनेत्र ने बिछाया जाल

हाल ही में हुई कुछ वारदातों के बाद पुलिस ने इलाके के लगभग 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत लगाए गए हाई-डेफिनिशन कैमरों में एक संदिग्ध ऑटो का नंबर और उसमें बैठे युवकों के चेहरे स्पष्ट नजर आए। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की और गिरोह के चार सदस्यों को धर दबोचा।

बरामदगी और कार्रवाई

पुलिस ने आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:

  • वारदात में इस्तेमाल किया गया ऑटो रिक्शा

  • लूटे गए 4 मोबाइल फोन

  • हजारों रुपये की नकदी

  • अवैध असलहे और चाकू।

डीसीपी (सेंट्रल) ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों का पुराना आपराधिक इतिहास है और वे पहले भी कई थाना क्षेत्रों में वांछित रहे हैं। ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के माध्यम से शहर के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है, जिससे अपराधियों को पकड़ने में काफी मदद मिल रही है।

पुलिस टीम को मिलेगा इनाम

सफलतापूर्वक गिरोह का पर्दाफाश करने वाली सीसामऊ पुलिस टीम की सराहना करते हुए उच्चाधिकारियों ने टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

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