खाड़ी देशों में युद्ध का साया: CBSE ने 7 देशों में स्थगित की 2 मार्च की बोर्ड परीक्षाएं, जानें नया अपडेट

Saransh Kanaujia
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नई दिल्ली. मध्य-पूर्व (Middle East) के देशों में सुरक्षा के बिगड़ते हालात और संभावित हवाई हमलों के खतरे के बीच CBSE (Central Board of Secondary Education) ने एक बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने खाड़ी के 7 प्रमुख देशों में 2 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है।

किन देशों में टली बोर्ड परीक्षाएं?

CBSE से संबद्ध स्कूलों वाले इन देशों में सुरक्षा अलर्ट जारी होने के बाद परीक्षा केंद्रों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है:

  1. बहरीन

  2. ईरान

  3. कुवैत

  4. ओमान

  5. कतर

  6. सऊदी अरब

  7. संयुक्त अरब अमीरात (UAE)

क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?

बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, इन देशों में हाल के दिनों में सैन्य तनाव और सुरक्षा संबंधी अनिश्चितताएं बढ़ी हैं। कई क्षेत्रों में हवाई हमलों (Air Strikes) की आशंका के चलते परिवहन और संचार व्यवस्था प्रभावित हुई है। ऐसे में छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुँचाना और वहां उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती बन गई थी। बोर्ड ने इसे ‘एहतियाती कदम’ (Precautionary Measure) बताया है।

रद्द नहीं हुई हैं परीक्षाएं: CBSE ने दी सफाई

सोशल मीडिया पर ‘परीक्षा रद्द’ (Exams Cancelled) होने की चल रही अफवाहों को बोर्ड ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।

  • स्थगन (Postponement): परीक्षाएं केवल स्थगित की गई हैं, रद्द नहीं।

  • नई तिथियां (New Dates): स्थिति सामान्य होने पर नई तारीखों का ऐलान किया जाएगा।

  • समीक्षा बैठक: बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि 3 मार्च 2026 को क्षेत्रीय परिस्थितियों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा की जाएगी, जिसके बाद आगे का शेड्यूल जारी होगा।

भारत के छात्रों पर क्या होगा असर?

भारत में परीक्षा दे रहे लाखों छात्रों के लिए राहत की बात यह है कि देश के भीतर परीक्षा कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

CBSE का बयान: “भारत में (कानपुर सहित सभी शहरों में) परीक्षाएं अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम और समय के अनुसार ही संचालित की जाएंगी। खाड़ी देशों के संकट का असर भारतीय परीक्षा केंद्रों पर नहीं पड़ेगा।”

छात्रों और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

इस अनिश्चितता के माहौल में बोर्ड ने निम्नलिखित सलाह दी है:

  • आधिकारिक वेबसाइट: किसी भी अपडेट के लिए केवल cbse.gov.in पर ही भरोसा करें।

  • स्कूल प्रशासन: खाड़ी देशों के छात्र अपने स्थानीय स्कूल प्रशासन के निरंतर संपर्क में रहें।

  • मानसिक स्वास्थ्य: युद्ध जैसी स्थिति और परीक्षा के दबाव के बीच छात्र घबराएं नहीं और अपनी तैयारी को रिवीजन मोड में जारी रखें।

विशेषज्ञों की राय

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि CBSE का यह निर्णय सराहनीय है। युद्ध जैसी स्थिति में छात्रों का मानसिक संतुलन प्रभावित हो सकता है, ऐसे में उन्हें सुरक्षित वातावरण देना बोर्ड की प्राथमिकता होनी चाहिए। अब सबकी नजरें 3 मार्च की समीक्षा बैठक पर टिकी हैं।

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