बिलासपुर: न्यू ईयर भोज की आड़ में धर्मांतरण का प्रयास, पास्टर के खिलाफ मामला दर्ज

रायपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में नए साल के स्वागत के बहाने आयोजित एक ‘प्रार्थना सभा’ और ‘भोज’ को लेकर भारी हंगामा खड़ा हो गया है। हिंदूवादी संगठनों ने आरोप लगाया है कि नए साल के जश्न की आड़ में लोगों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था।

मुख्य घटनाक्रम:

  • प्रार्थना सभा और शपथ: घटना शहर के एक आवासीय इलाके में आयोजित की गई थी, जहाँ बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं का दावा है कि वहां मौजूद पास्टर लोगों को ‘बपतिस्मा’ (Baptism) लेने की शपथ दिला रहे थे।

  • वीडियो साक्ष्य: कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर पास्टर का एक वीडियो भी बनाया है, जिसमें वे नए साल में धर्म परिवर्तन करने की बातें कहते सुनाई दे रहे हैं। संगठनों का आरोप है कि गरीब और भोले-भाले लोगों को विभिन्न लाभों का लालच देकर उनका ‘ब्रेनवाश’ किया जा रहा था।

  • पुलिस की कार्रवाई: हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। हिंदू संगठनों की औपचारिक शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित पास्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

हालिया विवादों की पृष्ठभूमि

बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से धर्मांतरण के मामलों में वृद्धि देखी गई है:

  1. भरनी गांव में बुलडोजर कार्रवाई: कुछ समय पूर्व बिलासपुर के भरनी गांव में अवैध रूप से संचालित ‘चंगाई सभा’ के ठिकानों पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया था।

  2. सीपत क्षेत्र में तनाव: सीपत इलाके में भी इसी तरह की प्रार्थना सभाओं को लेकर हिंदू संगठनों और ईसाई समुदाय के बीच झड़पें हुई थीं, जिसके बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी।

  3. कानूनी सख्ती: छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानूनों को और सख्त करने की तैयारी में है, ताकि जबरन या लालच देकर किए जाने वाले धर्मांतरण पर रोक लगाई जा सके।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।

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