ईरान में आर्थिक संकट पर फूटा गुस्सा: प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों में घुसने की कोशिश की, सुरक्षा बलों से तीखी झड़प

तेहरान. ईरान में गिरती अर्थव्यवस्था और मुद्रा रियाल के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुँचने के बाद भड़के विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। देश के विभिन्न शहरों में प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों और प्रशासनिक कार्यालयों को निशाना बनाया है। ताजा जानकारी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी शहर लोर्डेगन (Lordegan) और फासा (Fasa) में भीड़ ने गवर्नर कार्यालय और अन्य सरकारी दफ्तरों में घुसने की कोशिश की।

मुख्य घटनाक्रम:

  • सरकारी इमारतों पर हमला: प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने दक्षिणी प्रांत फार्स के फासा शहर में गवर्नर हाउस की घेराबंदी की और अंदर घुसने का प्रयास किया। राज्य मीडिया के अनुसार, सुरक्षा बलों ने हस्तक्षेप कर इस कोशिश को नाकाम कर दिया।

  • हिंसा और गिरफ्तारियां: सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में कई लोगों के घायल होने की खबर है। फासा में एक महिला सहित कई ‘दंगाई’ नेताओं को गिरफ्तार किया गया है।

  • लोर्डेगन में तनाव: लोर्डेगन शहर में प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक भवनों, बैंकों और नगर पालिका कार्यालयों पर पथराव किया, जिसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।

विरोध का कारण: आर्थिक बदहाली

ईरान में यह उबाल तब आया जब ईरानी रियाल डॉलर के मुकाबले 14 लाख के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया। देश में महंगाई दर 42% से अधिक हो चुकी है, जिससे आम जनता के लिए बुनियादी जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है।

“यह विरोध अब केवल कीमतों तक सीमित नहीं है; यह शासन की विफलता के खिलाफ जनता का आक्रोश है।” — स्थानीय विश्लेषक

सरकार की प्रतिक्रिया

राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की सरकार ने प्रदर्शनकारियों के साथ संवाद की पेशकश की है और “कठोर आवाजों” को सुनने का वादा किया है। हालांकि, जमीन पर सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनों को कुचलने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। कई प्रांतों में इंटरनेट सेवाओं को सीमित कर दिया गया है और प्रमुख शहरों में भारी पुलिस बल तैनात है।

वर्तमान स्थिति:

  • 21 राज्यों में हड़ताल और विरोध प्रदर्शनों की खबर है।

  • तेहरान के ग्रैंड बाजार सहित कई व्यापारिक केंद्र बंद हैं।

  • छात्र संगठनों ने भी इन प्रदर्शनों को अपना समर्थन दिया है, जिससे सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने WhatsApp, Instagram और Telegram जैसे प्लेटफॉर्म्स को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है ताकि प्रदर्शनकारी संगठित न हो सकें। नेटब्लॉक्स (NetBlocks) के अनुसार, ईरान के कई हिस्सों में इंटरनेट ट्रैफिक में 60% तक की गिरावट दर्ज की गई है।

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