महाराष्ट्र: अमरावती में धर्मांतरण की कोशिश का आरोप, पादरी सहित 8 गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
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मुंबई. महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से जबरन और लालच देकर धर्मांतरण कराने के प्रयास के मामले सामने आए हैं। ताजा घटना अमरावती जिले के शिजोरी गांव की है, जहां पुलिस ने एक ईसाई पादरी (पास्टर) और सात अन्य लोगों को हिरासत में लिया है। इन पर आरोप है कि वे स्थानीय ग्रामीणों को आर्थिक लाभ का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए उकसा रहे थे।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, केरल के रहने वाले एक पादरी और उनके साथियों ने शिरजोरी गांव में एक प्रार्थना सभा का आयोजन किया था। स्थानीय निवासियों और कुछ हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि इस सभा की आड़ में लोगों को “चमत्कारी इलाज” और “नकद राशि” का प्रलोभन दिया जा रहा था। शिकायतकर्ता लक्ष्मण देविदास शेन्डे के अनुसार, पादरी सफेद वस्त्र पहनकर लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के बदले नौकरी और पैसे देने की बात कह रहे थे।

पुलिस की कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रिया

शिकायत मिलने के बाद बेनोडा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पादरी सुधीर विलियम, उनकी पत्नी और अन्य 6 सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इन पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और जबरन धर्मांतरण के प्रयासों से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

इस घटना ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है:

  • केरल के मुख्यमंत्री: पिनाराई विजयन ने इस गिरफ्तारी को ‘परेशान करने वाला’ बताया और इसे अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने की कार्रवाई करार दिया।

  • हिंदू संगठन: विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल ने राज्य सरकार से मांग की है कि महाराष्ट्र में भी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की तर्ज पर एक कठोर धर्मांतरण विरोधी कानून जल्द से जल्द लागू किया जाए।

कठोर कानून की तैयारी में सरकार

महाराष्ट्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि वे आगामी विधानसभा सत्र में धर्मांतरण विरोधी विधेयक पेश कर सकते हैं। गृह विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस कानून का मसौदा तैयार किया जा रहा है, जिसमें ‘लव जिहाद’ और ‘प्रलोभन द्वारा धर्मांतरण’ को गैर-जमानती अपराध बनाने का प्रावधान हो सकता है।

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