अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वर्क परमिट की स्वचालित एक्सटेंशन व्यवस्था खत्म कर दी

वाशिंगटन. अमेरिका ने प्रवासियों के लिए वर्क परमिट के खुदबखुद रिन्युअल  की व्यवस्था को खत्म कर दिया.इससे प्रवासी भारतीय कामगारों को नुकसान हो सकता है. 30 अक्टूबर या उसके बाद रोजगार प्राधिकरण दस्तावेजों रिन्यूअल कराने का आवेदन करने वाले अप्रवासियों को अब अपने आप एक्सटेंशन नहीं मिलेगा. अमेरिकी सरकार ने प्रवासी पेशेवरों के रोजगार प्राधिकरण दस्तावेजों की अवधि को खुदबखुद बढ़ाने से इनकार कर दिया है. इस कदम से हजारों विदेशी कर्मचारियों विशेषकर भारतीयों पर प्रभाव पड़ने की संभावना है, जिनकी संख्या सबसे ज्यादा है.

अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने कहा, जो विदेशी 30 अक्टूबर 2025 को या उसके बाद अपने दस्तावेजों के नवीनीकरण के लिए आवेदन करेंगे, उन्हें अब अपने आप एक्सटेंशन नहीं मिलेगा. 30 अक्टूबर से पहले आवेदन पर कोई असर नहीं पड़ेगा. इससे पहले अमेरिका एच-1बी वीजा की फीस को बढ़ाकर 1 लाख डॉलर कर चुका है, जो भारतीय आईटी पेशेवरों के लिए बड़ा झटका था. ट्रंप प्रशासन अमेरिकी विश्वविद्यालयों में पढ़ाई करने वाले विदेशी छात्रों के लिए नियमों को कठोर कर चुका है.

ट्रंप प्रशासन ने कहा कि नया नियम सार्वजनिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है. अभी तक जो व्यवस्था है कि अप्रवासियों को उनके वर्क परमिट की समाप्ति के बाद भी 540 दिनों तक अमेरिका में काम करने की अनुमति दी जाती थी, बशर्ते नवीनीकरण आवेदन समय पर दायर किया गया हो, उनको अपनेआप विस्तार मिल जाता था.

साभार : एनडीटीवी

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