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रूस का अंतरिक्ष में धमाका: सोयुज-2.1बी रॉकेट से एक साथ 52 उपग्रह लॉन्च

Saransh Kanaujia
3 Min Read

मॉस्को. रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस (Roscosmos) ने वर्ष 2025 के अपने अंतिम मिशन के तहत एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रविवार, 28 दिसंबर 2025 को रूस ने अपने पूर्वी स्पेसपोर्ट ‘वोस्तोचनी कॉस्मोड्रोम’ से सोयुज-2.1बी रॉकेट के जरिए कुल 52 उपग्रहों को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में तैनात किया।

रूस ने रविवार को अपने सुदूर पूर्वी क्षेत्र में स्थित वोस्तोचनी कॉस्मोड्रोम से सोयुज-2.1बी (Soyuz-2.1b) कैरियर रॉकेट को लॉन्च किया। इस मिशन के तहत न केवल रूसी उपग्रह बल्कि ईरान के भी महत्वपूर्ण पेलोड अंतरिक्ष में भेजे गए हैं।

मिशन की मुख्य विशेषताएं

  • प्राइमरी पेलोड (मुख्य उपग्रह): रॉकेट अपने साथ दो मुख्य रूसी उपग्रह ‘आिस्ट-2टी’ (Aist-2T) लेकर गया है। ये सैटेलाइट पृथ्वी की सतह की 3D (त्रिविमीय) तस्वीरें लेने और पर्यावरण निगरानी (जैसे जंगल की आग और बाढ़) के लिए डिजाइन किए गए हैं।

  • ईरानी उपग्रहों का शामिल होना: इस लॉन्च में ईरान के तीन महत्वपूर्ण उपग्रह— पाया (Paya), कौसर (Kowsar) और जफर-2 (Zafar-2) भी शामिल थे। ‘पाया’ ईरान का अब तक का सबसे भारी उपग्रह (150 किग्रा) बताया जा रहा है।

  • अन्य पेलोड: बाकी 47 छोटे उपग्रह (CubeSats) रूस के विभिन्न विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों द्वारा तैयार किए गए हैं, जो मुख्य रूप से जलवायु परिवर्तन और अंतरिक्ष मौसम के अध्ययन के लिए भेजे गए हैं।

लॉन्च का महत्व

रूस के लिए यह मिशन रणनीतिक और तकनीकी दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है:

  1. साल का अंतिम मिशन: यह 2025 में रूस का अंतिम ऑर्बिटल लॉन्च था, जिसने साल का समापन एक सफल और भारी पेलोड मिशन के साथ किया।

  2. रूस-ईरान अंतरिक्ष सहयोग: ईरान के भारी उपग्रहों को लॉन्च करके रूस ने पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बीच ईरान के साथ अपने बढ़ते अंतरिक्ष सहयोग को और मजबूत किया है।

  3. स्वदेशी तकनीक का प्रदर्शन: सोयुज-2.1बी रॉकेट और ‘फ्रिगेट’ (Fregat) अपर स्टेज की विश्वसनीयता एक बार फिर साबित हुई है।

रोस्कोस्मोस के अनुसार: “आिस्ट-2टी उपग्रह कम से कम पांच वर्षों तक सक्रिय रहेंगे और पृथ्वी के डिजिटल इलाके के मॉडल (Digital Terrain Models) बनाने में मदद करेंगे।”

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