पीयूष गोयल ने यूरोपीय व्यापार एवं आर्थिक सुरक्षा आयुक्त से मुलाकात की

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने 26 से 28 अक्टूबर 2025 तक ब्रुसेल्स का दौरा किया। उन्होंने यूरोपीय व्यापार एवं आर्थिक सुरक्षा आयुक्त श्री मारोस शेफोविच और उनकी टीम के साथ चल रही भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते वार्ता से संबंधित लंबित मुद्दों पर सार्थक और उपयोगी चर्चा की।

दोनों पक्षों ने फरवरी 2025 में आयुक्तों के समूह की नई दिल्ली यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष सुश्री उर्सुला वॉन डेर लेयेन के स्पष्ट निर्देशों का पालन करते हुए, 2025 के अंत तक भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को संपन्न करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की। इस बैठक में भारत और यूरोपीय संघ के बीच राजनीतिक विश्वास और रणनीतिक संबंधों की गहराई को दर्शाते हुए, पारस्परिक रूप से लाभकारी, संतुलित और न्यायसंगत व्यापार समझौता करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसमें एक-दूसरे की संवेदनशीलताओं और प्राथमिकताओं का भी सम्मान किया गया।

भारत यह सुनिश्चित करने के महत्व को समझता है कि एफटीए टैरिफ और गैर-टैरिफ दोनों बाधाओं को दूर करने और पारदर्शी तथा पहले से अनुमानित नियामक ढांचे बनाने में संतुलित बना रहे, जिससे आने वाले वर्षों में दोनों भागीदारों के व्यापार में तेजी आए।

दोनों पक्षों में लंबित मुद्दों पर संभावित लैंडिंग ज़ोन तलाशने के लिए गहन बातचीत हुई। गैर-टैरिफ उपायों और यूरोपीय संघ के नए नियमों पर भारत की चिंताओं पर भी अच्छी चर्चा हुई। वार्ता के दौरान, एचसीआईएम ने भारत की प्रमुख मांगों, विशेष रूप से श्रम-प्रधान क्षेत्रों से संबंधित मांगों, के लिए तरजीही व्यवहार की जरूरत पर बल दिया। दोनों पक्ष गैर-संवेदनशील औद्योगिक टैरिफ लाइनों को अंतिम रूप देने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए। वे इस बात पर भी सहमत हुए कि इस्पात, ऑटो, सीबीएएम और यूरोपीय संघ के अन्य नियमों से संबंधित मुद्दों पर अभी और चर्चा की आवश्यकता है, क्योंकि ये मुद्दे अधिक संवेदनशील हैं।

भारत साझा नवाचार, संतुलित, न्यायसंगत एवं सार्थक व्यापार, और शांति एवं समृद्धि के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता के माध्यम से इस दृष्टिकोण को वास्तविकता में बदलने के लिए यूरोपीय संघ के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक है। जारी चर्चाओं को आगे बढ़ाने के लिए, व्यापार महानिदेशक के नेतृत्व में यूरोपीय संघ की तकनीकी टीम अगले सप्ताह भारत का दौरा करेगी ताकी पिछले दो दिनों में चिन्हित संभावित समाधानों के आधार पर एक रचनात्मक निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके।

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