कमी दिखाने के लिए गूगल की नैनो बनाना तकनीक से बनाए असली जैसे दिखने वाले पैनकार्ड और आधार कार्ड

Saransh Kanaujia
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एक टेकी ने गूगल की नैनो बनाना तकनीक का उपयोग कर ऐसे पैन और आधार कार्ड बनाए जो पहली नज़र में बिल्कुल वास्तविक लगते हैं. उसने इन तस्वीरों में मज़ाकिया तौर पर अपना नाम ‘ट्विटरप्रीत सिंह’ लिखा, जिसके बाद पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है.

टेकी ने बताई तकनीक की खामी

टेकी हरवीर सिंह चड्ढा ने लिखा कि नैनो बनाना तकनीक जितनी अच्छी है, उतनी ही खतरनाक भी हो सकती है. उनके अनुसार यह तकनीक इतनी सटीक फर्जी पहचान पत्र बना सकती है कि पारंपरिक सत्यापन प्रणालियां असफल हो जाएंगी.

करीब से देखने पर समझ आता है असली

शेयर की गई तस्वीरों में पैन और आधार कार्ड पहली नज़र में असली दिखते हैं, लेकिन ध्यान से देखने पर साफ पता चलता है कि वे नकली हैं. दोनों तस्वीरों पर जेमिनी एआई का वॉटरमार्क भी मौजूद है, जो इनके निर्माण का संकेत देता है.

सोशल मीडिया पर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं

पोस्ट सामने आने के बाद कुछ लोगों ने इसे भविष्य की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया, जबकि कुछ ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है. कई यूजर्स ने इस पर हास्यपूर्ण प्रतिक्रियाएं भी दीं.

जेमिनी की छिपी पहचान SynthID पर भी चर्चा

एक यूजर ने बताया कि जेमिनी तकनीक में ऐसा छिपा हुआ ‘सिंथआईडी’ (SynthID) होता है, जिसे स्कैन कर यह पता लगाया जा सकता है कि तस्वीर एआई से बनी है. इसके जवाब में टेकी ने कहा कि असल जीवन में बहुत कम लोग हर दस्तावेज़ को ऐप से स्कैन करेंगे.

क्यूआर स्कैनिंग और आधार ऐप का बढ़ता उपयोग 

कुछ यूजर्स का मानना है कि अब आधार कार्ड के क्यूआर कोड को स्कैन कर उसकी सत्यता जांचना जरूरी होता जाएगा. नए आधार ऐप की मदद से निजी होटल और संस्थान भी खुद सत्यापन कर सकते हैं.

लोगों के मज़ाक भी चर्चा में रहे

एक यूजर ने चुटकी लेते हुए कहा कि आधार कार्ड में अगर तस्वीर साफ आ जाए तो वही नकली लगने लगता है. दूसरे ने लिखा कि तकनीकी बदलाव हमेशा ऐसे खतरे लेकर आते हैं, लेकिन इससे सीख लेकर ही आगे बढ़ना होता है.

साभार : एनडीटीवी

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