नेपाल की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने पहली बार राष्ट्र को किया संबोधित

Saransh Kanaujia
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काठमांडू. नेपाल की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने आज पहली बार राष्ट्र को संबोधित किया। प्रधानमंत्री कार्की ने कहा कि युवाओं के विरोध प्रदर्शनों के बाद बनी सरकार सुशासन और त्वरित जन सेवा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य कार्य अगले वर्ष पांच मार्च को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना है। उन्होंने सभी सरकारी कर्मचारियों से बाधारहित, त्वरित जन सेवा सुनिश्चित करने और युवाओं की भावना के अनुरूप कार्य करने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री कार्की ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान क्षतिग्रस्त हुए बुनियादी ढाँचों के पुनर्निर्माण के लिए बजट जुटाने के लिए एक पुनर्निर्माण कोष की स्थापना की गई है। जन शिकायतों की सुनवाई के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय और मंत्रिपरिषद सहित सभी सरकारी कार्यालयों में हॉटलाइन स्थापित की गईं। प्रधानमंत्री ने कहा कि संविधान संशोधन के मुद्दे को केवल जनप्रतिनिधियों के साथ संसद के माध्यम से ही सुलझाया जा सकता है। उन्होंने सरकार के सुचारू संचालन के लिए सभी संबंधित पक्षों से सहयोग की अपील की।

नेपाल: युवाओं के विद्रोह के बाद नेपाली कांग्रेस पार्टी के पुनर्गठन के लिए एक विशेष अधिवेशन की मांग

भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं के विरोध प्रदर्शन ने प्रमुख राजनीतिक दलों को आंतरिक बदलाव के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस प्रदर्शन के बाद नेपाल में के. पी. शर्मा ओली सरकार का पतन हो गया था। नेपाल की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी, नेपाली कांग्रेस, देश की वर्तमान आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बदलाव के दबाव का सामना कर रही है।

पार्टी के महासचिव गगन थापा और वरिष्ठ नेता शेखर कोइराला के नेतृत्व में सोमवार को एक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया। इसमें युवाओं के विद्रोह के बाद पार्टी के पुनर्गठन के लिए एक विशेष अधिवेशन की मांग की गई। इस बीच नेपाल माओवादी कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल प्रचंड केंद्रीय समिति की बैठक को आज संबोधित किया। उन्‍होंने पार्टी पुनर्गठन के लिए चार सूत्री प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव में विभिन्न पार्टी समितियों में अधिकतम युवाओं की नियुक्ति और महिलाओं, दलितों और कमजोर वर्ग का प्रतिनिधित्व बढ़ाना शामिल है।

SHABD, September 25, 2025

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