रोहित शर्मा ने भी शानदार फॉर्म दिखाते हुए घरेलू क्रिकेट में छक्कों की बारिश की और रिकॉर्ड शतक जड़ा

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट के ‘हिटमैन’ रोहित शर्मा का बल्ला एक बार फिर आग उगलता नज़र आ रहा है. विजय हजारे ट्रॉफी में रोहित ने ऐसा तूफानी शतक जड़ा, जिसने क्रिकेट फैंस के साथ-साथ चयनकर्ताओं का भी ध्यान खींच लिया. जयपुर के मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में सिक्किम के गेंदबाज़ रोहित के सामने पूरी तरह बेबस दिखाई दिए.

इस मैच में रोहित को युवा बल्लेबाज़ अँगकृश रघुवंशी का बेहतरीन साथ मिला.  दोनों ने मिलकर पहले विकेट के लिए 141 रनों की साझेदारी निभाई और टीम को मज़बूत शुरुआत दिलाई.  रोहित ने जहां आक्रामक भूमिका निभाई, वहीं अँगकृश ने संयम के साथ पारी को आगे बढ़ाया, जिससे विपक्षी टीम पर लगातार दबाव बना रहा. गौरतलब है कि रोहित शर्मा इससे पहले भी ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसी मज़बूत टीमों के खिलाफ कई बड़ी पारियां खेल चुके हैं.  घरेलू क्रिकेट में इस तरह का प्रदर्शन यह साफ संकेत दे रहा है कि रोहित अभी भी बड़े मंच के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

रोहित ने दिखाई जयपुर में ‘रनबाजी’

सिक्किम टीम के  237 रनों के लक्ष्य को  रोहित शर्मा ने आक्रामक अंदाज़ में बल्लेबाज़ी करते हुए बौना साबित कर दिया. हिटमैन ने पहले 28 गेंदों पर शकत पूरा किया फिर 62 गेंदों पर शतक लगाया. 175 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए रनों की बरसात कर दी. अपनी पारी के दौरान रोहित ने  8 लंबे छक्के जड़े और 8 चौके लगाए. विजय हजारे में  यह शतक सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं था, बल्कि रोहित की मानसिक मजबूती और अनुभव का शानदार उदाहरण भी था.  मैदान के चारों ओर लगाए गए उनके शॉट्स ने दर्शकों को रोमांच से भर दिया. रोहित ने मैच से पहले नेट्स पर भी जमकर पसीना बहाया था जिसका फायदा उनको मैच में मिला

क्या फिर बन सकते हैं रोहित कप्तान 

क्रिकेट गलियारों में यह चर्चा तेज़ हो गई है कि रोहित शर्मा अपने इस शानदार फॉर्म के दम पर कप्तानी की भूमिका दोबारा संभालने की ओर कदम बढ़ा रहे हैं.  उनका अनुभव, नेतृत्व क्षमता और निरंतर प्रदर्शन टीम के लिए एक बार फिर उन्हें अहम विकल्प बना सकता है. 2027 वर्ल्ड कप से पहले रोहित शर्मा का फॉर्म बार बार इस बात की तरफ संकेत दे रहा है कि उनसे कप्तानी छीनना गलत था और अब सेलेक्टर्स के सामने विकल्प जरूर खुल गया है कि वो यू टर्न अपनी गलती सुधारे और एक बार फिर रोहित को वनडे में कप्तानी सौंप दे हलांकि ये जल्दबाजी होगी पर एक विकल्प सेलेक्टर्स के सामने जरूर खुल गया है.

साभार : न्यूज18

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *