डोनाल्ड ट्रंप ने रूस की 2 सबसे बड़ी तेल कंपनियों पर लगाया प्रतिबन्ध, भारत पर भी पड़ेगा असर

वाशिंगटन. अमेरिका ने रूस पर यूक्रेन संघर्ष समाप्त करने का दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से एक बड़ा आर्थिक कदम उठाया है। अमेरिकी वित्त विभाग ने रूस की दो सबसे बड़ी तेल कंपनियों, रोसनेफ्ट और लुकोइल पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। ये प्रतिबंध अमेरिका और रूस के बीच बुडापेस्ट होने वाली बैठक रद्द होने के बाद सामेन आये हैं। वहीं इससे पहले रूसी सेना ने मॉस्को में परमाणु अभ्यास किया जिसकी निगरानी राष्ट्रपति पुतिन ने की।

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने अपने बयान में रूस से हत्याएं रोकने और तत्काल युद्धविराम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन द्वारा इस निरर्थक संघर्ष को समाप्त करने से इनकार करने के मद्देनजर, वित्त मंत्रालय रूस की दो सबसे बड़ी तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगा रहा है जो क्रेमलिन की संघर्ष मशीनरी को वित्तपोषित करती हैं।

बेसेंट ने आगे कहा कि वित्त मंत्रालय राष्ट्रपति ट्रंप के “एक और संघर्ष को समाप्त करने के प्रयासों का समर्थन करने के लिए, यदि आवश्यक हुआ तो आगे की कार्रवाई करने के लिए तैयार है। उन्होंने सहयोगी देशों से भी इन प्रतिबंधों का पालन करने का आग्रह किया। इन प्रतिबंधों के परिणामस्वरूप, रोसनेफ्ट और लुकोइल की अमेरिका में सभी संपत्तियां जब्त कर ली गई हैं।

इसके अलावा, अमेरिकी नागरिकों पर इन कंपनियों के साथ किसी भी प्रकार का वित्तीय लेनदेन करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रतिबंधों के बाद राष्ट्रपति डोनालड ट्रंप ने कहा कि हमें उम्मीद है कि अब युद्ध खत्म हो जाएगा।

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