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ट्रंप ने एच1बी वीजा के शुल्क में की बड़ी वृद्धि, अमेरिका को होगा नुकसान

Saransh Kanaujia
3 Min Read

वाशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत अब हर H-1B वीजा पर कंपनियों को सालाना 1,00,000 डॉलर यानि लगभग 83 लाख रुपये फीस चुकानी होगी. यह कदम अमेरिका की टेक कंपनियों और विदेशी कर्मचारियों, खास तौर पर भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. भारत के पूर्व G20 शेरपा अमिताभ कांत ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह अमेरिका इनोवेशन को चोट पहुंचाएगा और भारत के लिए अवसर लेकर आएगा. उन्होंने लिखा – ‘ट्रंप का यह कदम अमेरिका के इनोवेशन को रोक देगा लेकिन भारत को और आगे बढ़ाएगा. अब नई रिसर्च, स्टार्टअप्स और पेटेंट्स बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और गुरुग्राम से निकलेंगे. अमेरिका का नुकसान भारत का फायदा बनेगा.’

भारत के लिए कैसे फायदेमंद है ये फैसला?

अमेरिका हर साल 65000 H-1B वीजा और 20000 अतिरिक्त वीजा देता है. इनमें से लगभग 70 फीसदी वीजा भारतीयों को मिलते हैं यानि 2 लाख से ज्यादा भारतीय कर्मचारियों पर इसका सीधा असर पड़ेगा. अमेजॉन, माइक्रोसॉफ्ट और मेटा जैसी कंपनियों के हजारों कर्मचारी H-1B पर काम करते हैं. वहीं भारतीय कंपनियां जैसे इंफोसिस, टीसीएस, विप्रो, एचसीएल और कॉग्निजेंट भी अमेरिकी प्रोजेक्ट्स में इसी वीजा पर काफी निर्भर हैं. ऐसे में इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि इतनी भारी फीस से अमेरिकी कंपनियां नौकरियां विदेश शिफ्ट करने पर मजबूर हो जाएंगी. इस तरह से ट्रंप की यह नीति अमेरिका की बजाय भारत और दूसरे देशों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. डोनाल्ड ट्रंप का अमेरिकी कर्मचारियों की हायरिंग को बढ़ावा देने की यह पॉलिसी बैकफायर होने के चांस ज्यादा हैं क्योंकि कंपनियां स्किल्ड लेबर के लिए दूसरे देशों का रुख करेंगे.

डोनाल्ड ट्रंप ने एच-1बी वीजा आवेदन पर 1,00,000 डॉलर का शुल्क लगाने संबंधी सरकारी आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए कहा कि एच-1बी कार्यक्रम का दुरुपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है. ट्रंप के मुताबिक H-1B कार्यक्रम का दुरुपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है. घरेलू कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने H-1B पर निर्भर आउटसोर्सिंग कंपनियों की पहचान और जांच की है, जो वीजा धोखाधड़ी और विदेशी कर्मचारियों को अमेरिका आने के लिए प्रोत्साहित करने वाली अवैध गतिविधियों में शामिल पाई गई हैं. उन्होंने इसे आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए तत्काल कार्रवाई की जरूरत बताई है.

साभार : न्यूज18

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