डब्ल्यूसीएल ने रद्द किया भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच, मांगी माफी

नई दिल्ली. भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबले को लेकर आक्रोश चरम पर नजर आया. सोशल मीडिया पर जमकर बवाल हुआ जिसके बाद भारत के कई दिग्गज मैच न खेलने की जिद पर अडे़े. आखिरकार मुकाबले को मजबूरन रद्द करना पड़ा. अब प्रायोजक ईजमाइट्रिप से की तरफ से भी बड़ा बयान आया है.वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स 2025 के आयोजक मुश्किल में पड़ चुके हैं. रविवार को यह पुष्टि हुई कि भारत और पाकिस्तान के बीच मकुाबला नहीं खेला जाएगा. अब प्रायोजकों ने भी माफी मांगी है.

भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला20 जुलाई को खेला जाना था. लेकिन इसे रद्द किया गया. WCL ने लंबा-चौड़ा पोस्ट कर पुष्टि की मुकाबला नहीं खेला जाएगा. अब ईजमाईट्रिप ने अब एक बयान जारी कर कहा है कि उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वे किसी भी रूप में पाकिस्तान के साथ नहीं जुड़ेंगे. ईजमाईट्रिप टी20 टूर्नामेंट के मुख्य प्रायोजकों में से एक, उनकी तरफ से बताया गया कि उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वे किसी भी रूप में पाकिस्तान के साथ नहीं जुड़ेंगे.

हम टीम के साथ खड़े हैं- ईजमाईट्रिप

पहलगाम आतंकी हमले, जिसमें 26 पर्यटक मारे गए थे. जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव देखने को मिला. क्रिकेट पर भी इसका गहरा असर रहा. ईजमाईट्रिप ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, ‘दो साल पहले वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स (WCL) के साथ 5 साल का प्रायोजन समझौता करने के बावजूद हमारा रुख हमेशा स्पष्ट रहा है. EaseMyTrip पाकिस्तान से जुड़े किसी भी WCL मैच से न तो जुड़ेगा और न ही उसमें भाग लेगा. हमें गर्व है कि हम भारतीय चैंपियन टीम का समर्थन करते रहेंगे और अपनी टीम के साथ मजबूती से खड़े हैं.’

WCL को दी गई थी जानकारी

बयान में आगे बताया गया, ‘हालांकि, सिद्धांत रूप में हम पाकिस्तान से जुड़े किसी भी मैच का समर्थन या प्रचार नहीं करते हैं. यह स्थिति शुरू से ही WCL टीम को स्पष्ट रूप से बता दी गई थी. EaseMyTrip टीम इंडिया का समर्थन करता है. लेकिन पाकिस्तान से जुड़े किसी भी मैच में शामिल नहीं होगा. आइए कप घर लाएं. भारत हमेशा पहले.’

साभार : जी न्यूज

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *