कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ऑपरेशन सिंदूर को बताया छोटा युद्ध

बेंगलुरु. पहलगाम आतंकी हमले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को छोटा सा युद्ध बताया। कर्नाटक में कांग्रेस की समर्पण-संकल्प रैली को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पहलगाम में 26 लोग इसलिए मारे गए क्योंकि मोदी सरकार ने वहां पर्यटकों को सुरक्षा मुहैया नहीं कराई। मोदी कश्मीर नहीं गए क्योंकि खुफिया एजेंसियों ने उन्हें ऐसा करने से मना किया था। केंद्र सरकार ने पर्यटकों से पहलगाम न जाने के लिए क्यों नहीं कहा? अगर उन्हें बताया गया होता, तो 26 लोगों की जान बचाई जा सकती थी। ऑपरेशन सिंदूर तो  छोटा सा युद्ध है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पाकिस्तान हमेशा भारत को परेशान करना चाहता है क्योंकि वे कमजोर हैं और उन्होंने चीन के समर्थन से देश पर हमला करने की कोशिश की है। हमारा देश ऐसी चीजों को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। हम इस पर एकजुट हैं। इसलिए हमने अपने देश का विरोध करने वालों के खिलाफ लड़ाई में सरकार को समर्थन दिया है। देश महत्वपूर्ण है, उसके बाद धर्म, जाति और अन्य चीजें आती हैं। उन्होंने कहा कि अब जो हुआ है वो ये है कि मोदी महत्वपूर्ण हो गए हैं और देश उसके बाद आता है। पीएम को बचाने के लिए विशेष सूचना दी जाती है, लेकिन आम लोगों और गरीबों को बचाने के लिए नहीं।

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि देश को बचाना कांग्रेस का लक्ष्य है और वह इस मामले में पार्टी लाइन या श्रेय या बदनामी नहीं देखती। हमें देश को बचाना है, इसके लोगों को बचाना है। कांग्रेस ने उस देश को आजादी दिलाई जो वर्षों से गुलाम था। इसे बचाना हमारा कर्तव्य है। हमने आंबेडकर और नेहरू के नेतृत्व में इस देश के लिए संविधान तैयार किया। इसे बचाना हमारी जिम्मेदारी और कर्तव्य है और हम इसे करेंगे। भाजपा केवल झूठ बोलती है। कर्नल सोफिया कुरैशी पर मध्य प्रदेश के मंत्री की टिप्पणी के लिए भाजपा पर निशाना साधते हुए खरगे ने कहा कि ऐसे लोगों को किस तरह की सजा दी जानी चाहिए? देश की सशस्त्र सेना में सेवारत एक महिला के खिलाफ टिप्पणी की जा रही है। कांग्रेस ने मंत्री का इस्तीफा मांगा है, लेकिन मोदी अभी भी उन्हें रोके हुए हैं।

उन्होंने कहा कि पहले भाजपा में बैठे गद्दारों को निकालो, फिर बोलो। सोफिया कुरैशी को निशाना बनाया गया क्योंकि उनके नाम में कुरैशी थी। भाजपा ऐसे बुरे लोगों से भरी हुई है। मोदी पहले उन्हें निकालो। कांग्रेस देश के लिए लड़ती है और भाजपा ने इसका कोई ठेका नहीं ले रखा है। पूर्व प्रधानमंत्रियों स्वर्गीय इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी तथा महात्मा गांधी ने भी अपने प्राणों की आहुति दी। नेशनल हेराल्ड से जुड़े ईडी मामले में खरगे ने कहा कि ईडी, आयकर और सीबीआई द्वारा उनकी पार्टी के नेताओं को कमजोर करने के उद्देश्य से उनके खिलाफ नोटिस जारी किए गए हैं। लेकिन यह असंभव है। कांग्रेस पार्टी कभी किसी के सामने झुकेगी नहीं। हमने देश के लिए सब कुछ दिया है, लेकिन जो लोग सत्ता में हैं, उन्होंने देश के लिए लड़ाई नहीं लड़ी। वे देश में कुशासन चला रहे हैं।

संबित पात्रा ने किया पलटवार

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के ऑपरेशन सिंदूर को छोटा युद्ध बताने वाले बयान पर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पाकिस्तान को ऑक्सीजन देने का काम करती है। सब जानते हैं कि हाफिज राहुल गांधी को क्यों पसंद करते हैं? कांग्रेस पार्टी और खरगे कह रहे हैं कि ऑपरेशन सिंदूर एक छोटा युद्ध है। क्या राहुल गांधी और खरगे यह नहीं समझ पा रहे हैं कि हमारे सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में घुसकर वहां नौ आतंकी ठिकानों पर हमला किया और 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया? पाकिस्तान द्वारा जवाबी कार्रवाई के बाद उनके 11 एयरबेस नष्ट कर दिए गए और आज पाकिस्तान दर्द से कराह रहा है।

उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर छोटा युद्ध कहना देश और सशस्त्र बलों की बहादुरी के साथ धोखा है। राहुल गांधी जी पिछले दो दिनों से सबूत मांग रहे हैं। हम पहले दिन से ही डिजिटल सबूत पेश कर रहे हैं। पाकिस्तानियों ने खुद सबूत दिखाए हैं। इसके बावजूद आप सशस्त्र बलों के साहस का सबूत मांग रहे हैं। यही कारण है कि राहुल गांधी और उनके नेता पाकिस्तान में पोस्टर बॉय बन गए हैं। ऑपरेशन के समय सिंदूर पाक डीजीएमओ ने राहुल गांधी वीडियो दिखाए थे। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि जब 26/11 का हमला हुआ तो उन्होंने एक शब्द भी नहीं बोला। इस बार जब भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ असहिष्णुता दिखाई तो कांग्रेस ने ऐसी इच्छाशक्ति दिखाई? ये लोग पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं।

क्या है ऑपरेशन सिंदूर?

भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकियों के ठिकानों पर सटीक हमले किए। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पाहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में की गई थी। इसके बाद पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमले की कोशिश की, जिनका भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया। इस जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा, जिनमें एयर बेस, रडार साइट्स, और कमांड सेंटर शामिल हैं।

साभार : अमर उजाला

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