नीतीश कुमार पर लगा राष्ट्रगान के अपमान का आरोप, कोर्ट में मुकदमा दायर

पटना. बिहार के मुजफ्फरपुर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ राष्ट्रगान का अपमान करने के आरोप में परिवाद दर्ज किया गया है। अधिवक्ता सूरज कुमार ने एसीजेएम पश्चिमी कोर्ट में यह मामला दर्ज कराया है। नीतीश कुमार पर आरोप है कि उन्होंने पटना में एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान का अपमान किया। इस घटना के बाद बिहार की राजनीति में भूचाल आ गया है। विपक्षी दलों ने विधानसभा और विधान परिषद में जमकर हंगामा किया और नीतीश कुमार से माफी की मांग की।

नीतीश कुमार पर परिवाद

मुजफ्फरपुर के एसीजेएम पश्चिमी कोर्ट में अधिवक्ता सूरज कुमार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ परिवाद दर्ज कराया है। यह मुकदमा राष्ट्रगान के अपमान के आरोप में दर्ज हुआ है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 298, 352 और राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम की धारा 2, 3 लगाई गई हैं। अधिवक्ता सूरज कुमार ने नीतीश कुमार पर आरोप लगाया है कि 20 मार्च को सेपकटरा विश्वकप खेल के शुभारंभ के दौरान राष्ट्रगान हो रहा था। उस समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राष्ट्रगान का अपमान किया।

कोर्ट में परिवाद दायर

उन्होंने प्रधान सचिव को भी अपमानित किया। सूरज कुमार का कहना है कि मुख्यमंत्री के इस काम से बिहार ही नहीं, पूरा देश शर्मसार है। इसी वजह से उन्होंने न्यायालय में परिवाद दायर किया है। उन्होंने बताया कि इसमें अधिकतम तीन साल की सजा हो सकती हैॉ। कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 28 मार्च को होगी। इस घटना के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने विधानसभा और विधान परिषद में एनडीए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

तेजस्वी यादव का आरोप

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राष्ट्रगान का अपमान किया है। विपक्ष ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और नीतीश कुमार से माफी मांगने को कहा। उन्होंने नीतीश कुमार की सहयोगी भाजपा के खिलाफ भी मामला दर्ज करने की मांग की। गुरुवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राष्ट्रगान के समय लोगों का अभिवादन करते हुए देखा गया था। इसके बाद, राष्ट्रगान के दौरान बिहार के सीएम के हिलने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

विधानसभा और परिषद में हंगामा

शुक्रवार को विधानसभा और विधान परिषद की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। राजद विधायकों ने अध्यक्ष नंद किशोर यादव की चेतावनी के बावजूद सदन में नीतीश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की। सदन के बाहर मीडिया से बात करते हुए विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कुमार पर राष्ट्रगान का अनादर करने का आरोप लगाया। उन्होंने सीएम के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी सवाल उठाए। तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कल राष्ट्रगान का अपमान किया और एक बिहारी होने के नाते मुझे शर्म आती है। सीएम राज्य के नेता हैं और कल की घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।

सीएम पर लगातार प्रहार

उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति के इतिहास में यह पहली घटना है जब किसी मुख्यमंत्री ने राष्ट्रगान का अपमान किया है। सीएम नीतीश कुमार को देश से माफी मांगनी चाहिए। सीएम को रिटायर हो जाना चाहिए। आरजेडी नेता ने यह भी कहा कि उन्होंने इस घटना को लेकर विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव दिया है और मामले पर बहस की मांग की है। स्थगन प्रस्ताव का मतलब है कि वे चाहते हैं कि इस मुद्दे पर तुरंत बात हो। तेजस्वी यादव ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर किया था। वीडियो में नीतीश कुमार राष्ट्रगान बजने के दौरान मंच पर अपने मुख्य सचिव से बात करते नजर आ रहे हैं। जब मुख्य सचिव ने उन्हें रोकने की कोशिश की। उनकी बात नहीं सुनी।

विपक्ष हमलावर

आरजेडी नेता ने एक्स पर लिखा कि आप कुछ सेकंड के लिए भी मानसिक और शारीरिक रूप से स्थिर नहीं हैं और इस तरह की बेहोशी की स्थिति में आपका इस स्थिति में होना राज्य के लिए बहुत चिंता का विषय है। बिहार का इस तरह बार-बार अपमान न करें। इसका मतलब है कि तेजस्वी यादव को लगता है कि नीतीश कुमार अब ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं और उन्हें बिहार का अपमान नहीं करना चाहिए। इस पूरे मामले में कई बातें सामने आई हैं। एक तरफ, नीतीश कुमार पर राष्ट्रगान का अपमान करने का आरोप लगा है। दूसरी तरफ, विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर हैं।

साभार : नवभारत टाइम्स

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