वेव्स फिल्म बाज़ार उत्सवपूर्ण उद्घाटन समारोह के साथ गोवा में आरंभ

दक्षिण एशिया का वैश्विक फिल्म बाज़ार, वेव्स फिल्म बाज़ार, आज गोवा के पंजिम स्थित मैरियट रिज़ॉर्ट में एक प्रेरणादायक उद्घाटन समारोह के साथ आरंभ हुआ, जिसमें नेताओं, नीति निर्धारकों, फिल्म निर्माताओं और वैश्विक प्रतिनिधियों की विशिष्ट उपस्थिति रही। प्रतिष्ठित भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के साथ प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले बाज़ार के 19 वें ​​संस्करण को अब वेव्स फिल्म बाज़ार के रूप में फिर से ब्रांडिंग की गई हैं। रचनात्मक और वित्तीय साझेदारी चाहने वाले फिल्मकारों, निर्माताओं, बिक्री एजेंटों, फेस्टिवल प्रोग्रामरों और वितरकों के लिए यह एक वैश्विक मिलन स्थल के रूप में कार्य करता है। यह बाज़ार 20 से 24 नवंबर तक चलेगा।

सूचना एवं प्रसारण सचिव श्री संजय जाजू ने अपने उद्घाटन भाषण में, वेव्स फिल्म बाज़ार को आईएफएफआई समारोह की स्वाभाविक और उपयुक्त शुरुआत बताया। उन्होंने इसे “स्क्रीनिंग, मास्टरक्लास और तकनीकी प्रदर्शनियों का एक संपूर्ण इकोसिस्‍टम” बताया और इस बात पर बल दिया कि वेव्स की नई पहचान प्रधानमंत्री के “कला को वाणिज्य में बदलने” के विजन के अनुरूप है।

उन्होंने फिल्म निर्माताओं के लिए दुनिया के पहले ई-मार्केटप्लेस को रेखांकित किया और कहा कि वेव्स “रचनाकारों और देशों को जोड़ रहा है, जिससे भारत वैश्विक सहयोग का एक मिलन स्थल बन रहा है।” उन्होंने क्यूरेटेड परियोजनाओं, नकद अनुदानों और संरचित फीडबैक प्रक्रियाओं की विस्तृत श्रृंखला का उल्लेख किया, साथ ही भारत के पहले एआई फिल्म महोत्सव और हैकाथॉन को सिनेमाई तकनीक के भविष्य को अपनाने की दिशा में आवश्यक कदम बताया।

मुख्य अतिथि, कोरिया गणराज्य की राष्ट्रीय सभा की सदस्य सुश्री जेवोन किम ने महोत्सव के पहले संस्करण से ही आयोजकों की प्रतिबद्धता और निरंतरता की सराहना की। भारत और कोरिया के बीच सक्रिय सहयोग की आशा व्यक्त करते हुए, उन्होंने वंदे मातरम का भावपूर्ण गायन भी किया, जिस पर दर्शकों ने भरपूर सराहा और खड़े होकर तालियाँ बजाईं।

सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने बाज़ार का उद्घाटन करते हुए भारत को फिल्म निर्माण के वैश्विक हब के रूप में उभरने के प्रधानमंत्री के विजन के बारे में बताया। इसे “रचनाकारों और निर्माताओं के बीच एक सेतु” बताते हुए, उन्होंने युवा आवाज़ों और नए कहानीकारों को सशक्त बनाने के लिए इस मंच की प्रशंसा की। उन्होंने इस वर्ष बाज़ार में 124 नए रचनाकारों की भागीदारी का उल्लेख किया और भारतीय संस्कृति और विषय-वस्तु को दुनिया तक पहुँचाने में इसकी भूमिका की पुष्टि की।

समारोह में अपर सचिव श्री प्रभात ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उद्घाटन समारोह में आईएफएफआई महोत्सव के निदेशक और प्रसिद्ध फिल्म निर्माता शेखर कपूर, अभिनेता श्री नंदमुरी बालकृष्ण और श्री अनुपम खेर; वेव्स बाज़ार के सलाहकार जेरोम पैलार्ड; ऑस्ट्रेलियाई फिल्म निर्देशक गार्थ डेविस और एनएफडीसी के प्रबंध निदेशक श्री प्रकाश मगदुम भी उपस्थित थे, जो इस वर्ष के आयोजन में रचनात्मकता और उद्योग नेतृत्व के गतिशील संगम का प्रतीक थे।

वेव्स फिल्म बाज़ार: प्रतिभातकनीक और वैश्विक सहयोग का प्रदर्शन

पूर्व में फिल्म बाजार के नाम से प्रसिद्ध इस पहल को राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) द्वारा 2007 में आरंभ किया गया था और यह दक्षिण एशिया का सबसे प्रभावशाली फिल्म बाजार बन गया है।

बाजार अपने चुनिंदा क्षेत्रों में 300 से अधिक फ़िल्म परियोजनाओं का एक विस्तृत संग्रह प्रस्तुत करता है, जिसमें स्क्रीनराइटर्स लैब, मार्केट स्क्रीनिंग, व्यूइंग रूम लाइब्रेरी और को-प्रोडक्शन मार्केट शामिल हैं। को-प्रोडक्शन मार्केट में 22 फ़ीचर फ़िल्में और 5 वृत्तचित्र शामिल हैं, जबकि वेव्स फ़िल्म बाजार के अनुशंसा अनुभाग में विभिन्न प्रारूपों में 22 उल्लेखनीय फ़िल्में प्रस्तुत की गई हैं। सात से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडल और दस से अधिक भारतीय राज्यों के फ़िल्म प्रोत्साहन शोकेस इस मंच को और समृद्ध बनाते हैं।

एक समर्पित टेक पैवेलियन अत्याधुनिक वीएफएक्स, सीजीआई, एनिमेशन और डिजिटल प्रोडक्शन टूल्स की खोज के लिए एक गतिशील स्थान प्रदान करता है। इस आयोजन की दूरदर्शी भावना को और बढ़ाते हुए, इस वर्ष सिनेमा एआई हैकाथॉन की भी शुरुआत हो रही है, जिसका आयोजन एलटीआईमाइंडट्री के सहयोग से किया जा रहा है। यह रचनाकारों को एआई-संचालित कहानी कहने, प्रमाणन प्रक्रियाओं और एंटी-पायरेसी नवाचारों के साथ प्रयोग करने के लिए आमंत्रित करता है।

रचनात्मकता, प्रौद्योगिकी और वैश्विक आदान-प्रदान के अपने सहज मिश्रण के साथ, वेव्स फिल्म बाजार जीवंत सहयोग और खोज के लिए मंच तैयार करता है तथा सिनेमाई विचारों और अंतर्राष्ट्रीय साझेदारियों के लिए एक गतिशील केंद्र के रूप में भारत की भूमिका की पुष्टि करता है।

आईएफएफआई के बारे में

1952 में स्थापित, भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) दक्षिण एशिया में सिनेमा के सबसे पुराने और सबसे बड़े उत्सव के रूप में प्रतिष्ठित है। राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी), सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार और एंटरटेनमेंट सोसाइटी ऑफ गोवा (ईएसजी), गोवा सरकार द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित यह महोत्सव एक वैश्विक सिनेमाई महाशक्ति के रूप में विकसित हो गया है—जहां पुनर्स्थापित क्लासिक फिल्में साहसिक प्रयोगों से मिलती हैं, और दिग्गज कलाकार पहली बार आने वाले निडर कलाकारों के साथ मंच साझा करते हैं। आईएफएफआई को वास्तव में शानदार बनाने वाला इसका जादुई मिश्रण है। अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक प्रदर्शन, मास्टरक्लास, ट्रिब्यूट और ऊर्जावान वेव्स फिल्म बाजार, जहां विचार, सौदे और सहयोग उड़ान भरते हैं। 20 से 28 नवंबर तक गोवा की आश्चर्यजनक तटीय पृष्ठभूमि में आयोजित, 56वां संस्करण भाषाओं, शैलियों, नवाचारों और आवाजों की एक चमकदार श्रृंखला का वादा करता है।

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