हास्य कलाकार भारती सिंह ने दूसरे बच्चे को दिया जन्म

मुंबई. टीवी इंडस्ट्री के फेमस कपल भारती सिंह और हर्ष लिम्बाचिया के फैंस के लिए खुशखबरी है. दोनों दूसरी बार माता-पिता बन चुके हैं. भारती ने एक बेटे को जन्म दिया है. ये खुशखबरी शुक्रवार 19 दिसंबर को आई, जिससे पूरे परिवार में खुशी का माहौल है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, डिलीवरी के बाद मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं. फिलहाल कपल ने सोशल मीडिया पर खुद कोई पोस्ट नहीं की है, लेकिन करीबी लोगों में खुशी साफ देखी जा रही है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार सुबह अचानक भारती की तबीयत बिगड़ गई थी. उनका वॉटर ब्रेक हुआ, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया. उसी दिन भारती को शो ‘Laughter Chefs’ की शूटिंग करनी थी, लेकिन हालात बदलने के बाद शूट कैंसिल करनी पड़ी. अस्पताल पहुंचने के कुछ ही घंटों बाद भारती ने बेटे को जन्म दिया. इस दौरान हर्ष लिम्बाचिया हर पल उनके साथ मौजूद रहे. डिलीवरी के बाद से ही भारती और हर्ष के चाहने वाले सोशल मीडिया पर उन्हें बधाइयां दे रहे हैं.

दूसरी बार माता-पिता बने भारती-हर्ष

हालांकि, कपल की तरफ से अभी तक कोई ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं आई है. माना जा रहा है कि जल्द ही दोनों अपने फैंस के साथ ये खुशखबरी शेयर करेंगे. बच्चे के नाम और बाकी डिटेल्स को लेकर भी लोगों में काफी उत्सुकता है. फैंस बेसब्री से कपल की पहली पोस्ट का इंतजार कर रहे हैं. भारती सिंह टीवी की सबसे पॉपुलर कॉमेडियन में से एक हैं. अपनी जबरदस्त कॉमिक टाइमिंग और हंसमुख अंदाज से उन्होंने लोगों के दिलों में खास जगह बनाई है. वहीं हर्ष ने अपने करियर की शुरुआत राइटर के तौर पर की थी.

2022 में हुआ था पहले बेटे गोला का जन्म 

बाद में उन्होंने होस्ट और कंटेंट क्रिएटर के रूप में भी पहचान बनाई. दोनों ने ‘हुनरबाज: देश की शान’, ‘खतरा खतरा खतरा’ और ‘लाफ्टर शेफ्स’ जैसे शोज में साथ काम किया है. भारती और हर्ष की मुलाकात साल 2009 में ‘कॉमेडी सर्कस’ के सेट पर हुई थी. दोस्ती के बाद दोनों करीब आए और 2017 में शादी कर ली. इससे पहले 2022 में दोनों के घर पहले बेटे लक्ष सिंह लिम्बाचिया का जन्म हुआ, जिसे प्यार से ‘गोला’ बुलाते हैं. कपल अक्सर सोशल मीडिया और यूट्यूब पर अपनी फैमिली लाइफ की झलक दिखाता है.

साभार : जी न्यूज

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *