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राहुल गांधी हलफनामा दें या माफी मांगें, तीसरा कोई विकल्प नहीं : चुनाव आयोग

Saransh Kanaujia
3 Min Read

नई दिल्ली. चुनाव आयोग ने रविवार (17 अगस्त 2025) को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के वोट चोरी और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लगाए गए आरोपों पर दो टूक जवाब दिया है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, “अगर कोई सोचता है कि एक पीपीटी देकर जो कि चुनाव आयोग के आंकड़े नहीं हैं. इस तरह के गलत आंकड़े देना और ये कहना कि ये पोलिंग ऑफिसर ने कहा है कि इस महिला ने दो बार वोट दिया है. इतने संगीन विषयों पर बिना हलफनामे के चुनाव आयोग को काम नहीं करना चाहिए.”

‘हलफनामा देना होगा या देश से मांफी मांगनी होगी’

मुख्य चुनाव आयुक्त ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए दो टूक कहा, “हलफनामा देना होगा या देश से मांफी मांगनी होगी. तीसरा विकल्प नहीं है. अगर सात दिन में हलफनामा नहीं मिला तो इसका अर्थ ये होगी कि ये सारे आरोप निराधार है.” उन्होंने कहा, “बिना किसी सबूत के योग्य वोटर का नाम नहीं कटेगा. चुनाव आयोग हर मतदाता के साथ चट्टान की तरह खड़ा है.” मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, “सबसे बड़ी मतदाता सूची, सबसे बड़े चुनाव कर्मियों की फौज, सबसे ज्यादा मतदान करने वाले लोगों की संख्या और सारे मीडिया के सामने ये कहना कि अगर मतदाता सूची में आपका नाम एक बार और है तो आपने दो बार मतदान किया होगा और कानूनी अपराध किया होगा. इतने आरोपों के बाद चुनाव आयोग शांत रहे ऐसा संभव ही नहीं. उन्हें हलफनामा देना होगा या देश से माफी मांगनी होगी.”

एसआईआर का उद्देश्य वोटर लिस्ट को शुद्ध करना है- ECI

उन्होंने कहा, “पिछले 20 सालों में SIR नहीं किया गया. इसका मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना है. राजनीतिक दलों से कई शिकायतें मिलने के बाद SIR किया जा रहा है. बिहार में 22 लाख मृत मतदाता पिछले छह महीनों में नहीं, बल्कि पिछले कई साल में मरे हैं, हालांकि इसे रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया. जब चुनाव की सभी उचित प्रक्रियाओं का पालन किया गया और कोई चुनाव याचिका दायर नहीं की गई तो वोट चोरी के आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं.”

साभार : एबीपी न्यूज

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