भारत ने मिसाइल पुर्जों के आयात पर कर छूट वापस ली, अदाणी डिफेंस पर पड़ेगा अंतर

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने मिसाइल के पुर्जों के आयात पर दी गई टैक्स छूट नीति को वापस ले लिया है, जो इस समय अदाणी समूह की रक्षा इकाई पर चल रही जांच के बीच एक अहम कदम माना जा रहा है। सरकार ने 9 अक्तूबर को जारी अधिसूचना में सितंबर में घोषित छूट नीति में संशोधन करते हुए ‘मिसाइल’ शब्द को हटा दिया। इसके बाद अब केवल लंबी दूरी मिसाइलों के कुछ पुर्जों को ही आयात शुल्क में छूट मिलेगी, जबकि शॉर्ट-रेंज (कम दूरी) की मिसाइलों के पुर्जों पर पहले की तरह कस्टम ड्यूटी लागू रहेगी।

सितंबर में जारी अधिसूचना के तहत सरकार ने रक्षा उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए सभी प्रकार की मिसाइलों लंबी और छोटी दूरी के पुर्जों को टैक्स-फ्री आयात की अनुमति दी थी। इससे कई रक्षा कंपनियों को लाभ मिलने की संभावना थी, जिनमें अदाणी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज भी शामिल थी। हालांकि, नई अधिसूचना के माध्यम से यह छूट वापस ले ली गई है। सरकार ने इस निर्णय के पीछे कोई कारण नहीं बताया है। ग्रांट थॉर्नटन इंडिया के पार्टनर कृष्णन अरोड़ा ने कहा कि यह सुधार नीति को फिर पुराने ढांचे में ले आता है। उन्होंने बताया, पहली बार सरकार ने सभी मिसाइल पुर्जों पर टैक्स छूट देने का निर्णय किया था, लेकिन अब वह फैसला वापस ले लिया गया है।

अदाणी समूह का दावा-सौंपे गए हैं आयात संबंधी सभी दस्तावेज

अदाणी समूह पहले ही कह चुका है कि उसने अपनी आयात संबंधी सभी जानकारियां और दस्तावेज अधिकारियों को सौंप दिए हैं। हालांकि, समूह, वित्त मंत्रालय और अप्रत्यक्ष कर बोर्ड ने इस हालिया अधिसूचना पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
साभार : अमर उजाला
 

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://books.google.co.in/books?id=8-6KEQAAQBAJ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *