मां की आत्मसमर्पण की नसीहत भी नहीं मानी, सेना ने तीन आतंकवादियों को पहुँचाया जहन्नुम

जम्मू. 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से सेना ने जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ जबरदस्त अभियान चलाया हुआ है. पुलवामा के त्राल इलाके में हुई मुठभेड़ में भारतीय सेने के जवानों ने जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकियों ढेर कर दिया. बाकी छिपे हुए आतंकियों की तलाश जारी है. इन्ही में से एक आतंकी आमिर ने एनकाउंटर से पहले अपने घरवालों से वीडियो कॉलिंग के जरिए बात की और सेना को चुनौती दी थी कि आने दो सेना को मैं देख लूंगा. आतंकी आमिर अपनी मां से बात करता हुआ नजर आया. उसकी मां उसे सरेंडर करने के लिए कह रही है लेकिन आमिर कहता है कि सेना को आगे आने दो फिर मैं देखूंगा. सूत्रों की मानें तो सुरक्षाबल चाहते थे कि ये आतंकी सरेंडर करें लेकिन सरेंडर करने की बजाय इन्होंने फोर्स पर फायरिंग कर दी.

‘मैंने उनसे कहा आओ, आओ…’

आमिर ये कहता हुआ सुनाई देता है, “मैंने उनसे कहा आओ आओ आगे आ जाओ.” तभी एक महिला कहती है कि मेरा भाई कहां है. फिर आमिर कहता है यह (सेना) आगे आने से डर रहे हैं. आखिरी में महिला की आवाज आती है, जो चौंका देने वाली बात बोल रही है, “चिंता मत करो, अल्लाह रखवाली करेगा.” वायरल हुई क्लिप से पहले आमिर ने अपनी मां से बात की थी जिसमें मां उससे सरेंडर करने की बात कही लेकिन आमिर ने मना कर दिया और इसके बाद उमर की बहन आमिर से बात करते हुई दिख रही है. आसिफ वही आतंकी है, जिसका घर आईईडी से उड़ा दिया गया था.

आमिर ने हाथ में ले रखी थी एके-47 राइफल

जिस घर में आतंकियों के छिपे होने की खबर सेना को मिली थी, आमिर उसी घर से बात कर रहा था. वीडियो कॉलिंग पर बात करते वक्त उसके हाथ में एके-47 राइफल भी नजर आती है. सिक्योरिटी फोर्स चाहती थी कि ये लोग सरेंडर कर दें लेकिन इन्होंने उन्हीं पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं तो मजबूरन जवाबी फारिंग की गई और एनकाउंटर में ये आतंकी मारे गए.

साभार : एबीपी न्यूज

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