एनआईए ने पश्चिम बंगाल से अल-फलाह यूनिवर्सिटी के एक एमबीबीएस छात्र को गिरफ्तार किया

Saransh Kanaujia
3 Min Read

कोलकाता. बीते दिनों दिल्ली में लाल किले के पास हुए धमाके के मामले में एनआईए ने जांच तेज कर दी है। इसके तहत जांच एजेंसी ने पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर से एक एमबीबीएस छात्र जानिसुर उर्फ निसार आलम को आतंक संगठनों से कथित संबंधों के शक के आधार पर गिरफ्तार किया है। निसार हरियाणा की अल-फला यूनिवर्सिटी का छात्र है और लुधियाना में रहता है। उसका पैतृक घर दलखोला के पास कोनाल गांव में है।

जानकारी के अनुसार, निसार को शुक्रवार सुबह सूरजपुर बाजार से तब पकड़ा गया जब वह परिवार में शादी समारोह में शामिल होकर वापस लौट रहा था। अधिकारियों ने उसके मोबाइल लोकेशन डेटा के आधार पर उसकी गतिविधियों पर नजर रखी थी।

निसार के पास से डिजिटल डिवाइस बरामद

सूत्रों ने बताया कि उसे हाल ही में दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके के सिलसिले में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। हालांकि एनआईए ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि निसार का धमाके से सीधे तौर पर क्या संबंध है।

जांच एजेंसी ने उसके पास से डिजिटल डिवाइस और दस्तावेज भी बरामद किए हैं। पूछताछ के दौरान निसार ने भागने की कोशिश भी की, जिसके बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। उसे आगे की जांच के लिए सिलीगुड़ी ले जाया जा रहा है।

निसार के परिवार ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
उधर, निसार की गिरफ्तारी पर उसके परिवार के लोगों ने प्रतिक्रिया दी है। निसार के रिश्तेदारों का कहना है कि वह शांत स्वभाव का, पढ़ाई में डूबा रहने वाला लड़का है और किसी गलत गतिविधि से उसका कोई संबंध नहीं हो सकता।

एक्शन में एनआईए, अलग-अलग जगहों पर कर रही जांच
गौरतलब है कि बीते 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के पास एक जोरदार बम धमाका हुआ। इस धमाके में 13 लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद एनआईए लगातार अलग-अलग जगहों पर जांच कर रही है। इसी सिलसिले में एजेंसी ने हाल ही में मुर्शिदाबाद के निवासी मोइनुल हसन के घर पर भी छापा मारा था, जिसके दिल्ली और मुंबई में कुछ संदिग्ध संपर्कों की जांच चल रही है। एनआईए ने अभी तक निसार पर लगे आरोपों या सबूतों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

साभार : अमर उजाला
‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://new.matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

Related Post

Share This Article