सीबीआई ने महबूबा मुफ्ती की बहन रुबैया सईद किडनैपिंग केस में 36 साल बाद एक और आरोपी को किया गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
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जम्मू. सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने 36 साल पुराने रुबैया सईद किडनैपिंग केस के सिलसिले में एक शख्स को गिरफ्तार किया है. बता दें कि ये मामला जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और उस समय के केंद्रीय गृह मंत्री रहे मुफ़्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबैया सईद से जुड़ा है. उस दौरान जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के जेल में बंद मिलिटेंट्स की रिहाई के लिए रुबैया सईद का अपहरण किया गया था. रुबैया सईद, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की चीफ और जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बहन हैं.

रुबैया सईद को अपहरण करने के 5 दिन बाद रिहा किया गया था. उस वक्त केंद्र में वीपी सिंह की सरकार ने आतंकियों की मांग मानते हुए जेकेएलएफ के पांच आतंकियों को छोड़ दिया था. रुबैया सईद अब तमिलनाडु में रहती हैं और इस केस में सीबीआई की गवाह भी हैं. सीबीआई ने 1990 के दशक की शुरुआत में इस केस को अपने हाथ में लिया था.

श्रीनगर से हुई गिरफ्तारी

सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के पूर्व सदस्य रहे शफ़ात अहमद शुंगलू पुत्र सैफ़-उद-दीन के रूप में हुई है, जो पुराने शहर में श्रीनगर के हावल इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है. बता दें कि आरोपी शुंगलू अभी श्रीनगर के निशात इलाके के इश्बर में रह रहा था, जहां से सीबीआई ने पुलिस स्टेशन निशात से उससे कस्टडी में लिया है.

मुख्य आरोपियों में यासीन मलिक का नाम

मामले के जानकार सूत्रों ने बताया कि ये गिरफ्तारी 1989 के किडनैपिंग केस में केंद्रीय जांच एजेंसी की चल रही कार्रवाई के हिस्से के तौर पर हुई है, जिसमें हाल के सालों में कई आरोपियों से पूछताछ की गई है क्योंकि ट्रायल तय कोर्ट में चल रहा है.

जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) का चेयरमैन यासीन मलिक जो उस समय आतंकी ग्रुप का कमांडर इन चीफ था, इस केस के मुख्य आरोपियों में से एक है और उसका भी ट्रायल चल रहा है. जानकारी के लिए बता दें कि रुबैया सईद ने कोर्ट के सामने यासीन मलिक की पहचान किडनैपर के तौर पर की है.

साभार : एबीपी न्यूज

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