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अमेरिका में गिरफ्तार हुआ लॉरेंस बिश्नोई का करीबी गैंगस्टर रणदीप मालिक

Saransh Kanaujia
3 Min Read

वाशिंगटन. कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का करीबी रणदीप मालिक अमेरिका में गिरफ्तार हुआ है। गैंगस्टर रणदीप मालिक को अमेरिका की संघीय कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने गिरफ्तार किया है। रणदीप अमेरिका में बैठकर लॉरेंस के इशारे पर मर्डर करवा रहा था। वह दिल्ली के नादिर शाह मर्डर केस में वांटेड था। नादिर शाह मर्डर केस में जो हथियार इस्तेमाल हुए थे। वह रणदीप ने ही विदेश में बैठकर मुहैया करवाये थे। गुरुग्राम और चंडीगढ़ में क्लब के सामने ब्लास्ट की साजिश भी रणदीप सिंह मलिक ने ही रची थी। रणदीप सिंह को अमेरिका के जैक्सन पैरिश करेक्शनल सेंटर में हिरासत के रखा गया है। एफबीआई ने रणदीप की गिरफ्तारी की जानकारी भारतीय एजेंसियों के साथ साझा की है। गुरुग्राम में कैफे में हुए ब्लास्ट के मामले में भी रणदीप का नाम सामने आया था। हालांकि, इसकी जिम्मेदारी रोहित गोधरा ने ली थी।

2011 के मामले में है आरोपी

रणदीप सिंह मलिक गुरुग्राम और चंडीगढ़ के क्लबों के बाहर बम ब्लास्ट की साजिश में भी शामिल रहा है। रणदीप को अमेरिका में इमिग्रेशन एंड कस्टम्स विभाग ने हिरासत में लिया है, और FBI ने उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है। वह अमेरिका से भारत में टारगेट किलिंग की साजिशें रच रहा था। भारतीय एजेंसियां अब उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में सक्रिय हैं। रणदीप के खिलाफ पहले से ही कुरुक्षेत्र में 2011 में आईपीसी की धारा 323, 325 और 506 के तहत मामले दर्ज हैं।

नाइट क्लब विस्फोट मामले में भी आया नाम

दिसंबर 2024 में गुरुग्राम के सेक्टर-29 स्थित वेयरहाउस क्लब और ह्यूमन क्लब पर हुए ग्रेनेड हमला किया गया था। विस्फोट ह्यूमन नाइट क्लब के बाहर सुबह करीब 5:15 बजे हुए और इसकी तस्वीरें पास के क्लब में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गईं। इस मामले में गुरुग्राम स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया था, जिसकी पहचान उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी सचिन के रूप में हुई थी। ग्रेनेड हमले के तुरंत बाद, कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से जिम्मेदारी ली थी। एनआईए की जांच में मलिक और नामित आतंकवादी गोल्डी बरार के नाम का खुलासा हुआ, जिसने पहले क्लब मालिकों को धमकी दी थी और उनसे पैसे ऐंठने के लिए बम ब्लास्ट किया था, जो इन ग्रेनेड हमलों का मास्टरमाइंड था। एनआईए ने 2 जनवरी 2025 को मामला दर्ज किया था जिसमें आगे जांच जारी है।

साभार : इंडिया टीवी

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