कांग्रेस की रैली में लगे ‘…मोदी तेरी कब्र खुदेगी…’ जैसे नारे

नई दिल्ली. रामलीला मैदान से कांग्रेस की ‘वोट चोरी’मुद्दे पर महारैली निकाली गई. कांग्रेस की रैली में “मोदी तेरी कब्र खुदेगी” के नारे लगाए गए. इस पर बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस वोट चोरी पर रैली कर रही है. संसद चल रही है, वहां चर्चा हो चुकी है और अब कांग्रेस रैली उसी मुद्दे पर कर रही है. इसी कांग्रेस ने SIR पर सदन में चर्चा का नोटिस दिया था. राहुल जब इस चर्चा पर सदन में बोले को उनकी सतही जानकारी और राजनीति सदन में नजर आई.

संबित पात्रा ने कहा कि टीशर्ट पहनने वाले राहुल उस दिन खादी पहनकर सदन में आए. पीएम को लेकर अगर ( कब्र वाला) नारा लगा है तो कांग्रेस भूल गई कि जब-जब मोदी , उनकी माता जी को गाली दी गई है तो कांग्रेस को हमेशा जनता ने नकारा, ये उनका अहंकार है.

सिर्फ बदनाम करने की कोशिश करेंगे

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने एक कहानी बनाई जो पूरी तरह झूठी थी. जब जवाब दिया गया गृहमंत्री ने बिंदुवार जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि हर बात पर जवाब दिया गया. संबित पात्रा ने कहा वोटचोरी कब-कब हुई वो भी गृहमंत्री ने बताया. नेहरू के प्रधानमंत्री बनने से लेकर रायबरेली का चुनाव और अब सोनिया गांधी की नागरिकता को लेकर भी बताया गया.

जब गृहमंत्री ने घुसपैठियों का ज़िक्र किया तो कांग्रेस ने इसका विरोध किया और वॉक आउट करके चले गए. उन्होंने कहा कि ये जो रैली हो रही है वो घुसपैठियों को बचाने के लिए कर रही है. कांग्रेस कब तक तुष्टिकरण की राजनीति करेगी?

संबित पात्रा ने कहा कि राहुल जी आपको लगता है बिहार में किसी सीट पर गड़बड़ी हुई है तो जाकर इलेक्शन कमीशन में शिकायत कर सकते हैं. लेकिन एक भी शिकायत नहीं करेंगे सिर्फ बदनाम करने की कोशिश करेंगे.

रामलीला मैदान में नारे पर कहा

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा मैंने व्यक्तिगत रूप से ये नारा नहीं सुना है लेकिन अगर लगा है तो कांग्रेस अभी समझ नहीं पा रही है. जब भी कांग्रेस ने मोदी जी पर व्यक्तिगत टिप्पणी की है तब तब जनता ने उनको नकारा है. कांग्रेस में सिर्फ एक मणिशंकर अय्यर नहीं है.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *