राहुल गांधी के वकील अदालत से वापस लेंगे अपना बयान, बिना सहमति बताया था जान का खतरा

मुंबई. राहुल गांधी के वकील मिलिंद पवार ने बुधवार को पुणे कोर्ट में कहा- राहुल की जान को खतरा है। सावरकर मानहानि केस की सुनवाई के दौरान राहुल के वकील मिलिंद पवार ने कोर्ट में लिखित सूचना देकर कहा कि “वोट चोरी” का मामला उजागर करने के बाद राहुल गांधी को खतरा बढ़ गया है। यह बयान मीडिया में आने के बाद कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने X पर लिखा कि राहुल गांधी के वकील ने बिना उनसे बात किए या उनकी सहमति लिए कोर्ट में लिखित बयान दाखिल करके उनकी जान पर खतरे का हवाला दिया था। इस बात से राहुल की घोर असहमति है। इसलिए कल उनके वकील इस बयान को कोर्ट से वापस लेंगे।

राहुल के वकील ने एमपी/एमएलए स्पेशल कोर्ट से अपील की थी- राहुल के खिलाफ मानहानि की शिकायत करने वाले नाथूराम गोडसे के वंशज हैं। केस की निष्पक्ष सुनवाई के लिए राहुल को प्रिवेंटिव प्रोटेक्शन दी जाए। यह राज्य की संवैधानिक जिम्मेदारी है। मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी। मिलिंद ने यह भी बताया कि बीजेपी नेता आरएन बिट्टू ने राहुल को आतंकवादी कहा था, जबकि बीजेपी नेता तरविंदर मारवाह ने खुली धमकी दी कि अगर राहुल सही व्यवहार नहीं करेंगे तो उनका अंजाम उनकी दादी जैसा हो सकता है। सावरकर केस में शिकायतकर्ता सत्यकी का संबंध सावरकर और गोडसे परिवार से है। वह अपने प्रभाव का दुरुपयोग कर सकते हैं।

पुणे कोर्ट में दाखिल याचिका में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी के बयान से हिंदू समुदाय का अपमान हुआ है। राहुल ने कहा था कि सच्चा हिंदू कभी हिंसक नहीं होता, नफरत नहीं फैलाता। बीजेपी नफरत और हिंसा फैलाती है।

लंदन में कहा था- सावरकर ने मुस्लिम को पीटा था

मार्च 2023 में राहुल गांधी ने लंदन में एक भाषण में दावा किया था कि वीडी सावरकर ने एक किताब में लिखा था कि उन्होंने और उनके पांच से छह दोस्तों ने एक बार एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई की थी और उन्हें इससे खुशी हुई थी। इस भाषण का हवाला देते हुए सत्यकी सावरकर ने गांधी के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया है। इसी मामले में 3 जुलाई को पुणे के एमपी-एमएलए कोर्ट ने सावरकर के पोते सत्यकी सावरकर की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी से वह पुस्तक दिखाने की मांग की थी, जिसमें उन्होंने सावरकर के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी की थी। जस्टिस अमोल शिंदे ने कहा था कि कांग्रेस नेता को पुस्तक पेश करने के लिए विवश नहीं किया जा सकता।

पहले भी सावरकर पर विवादित बयान दिए थे

महाराष्ट्र के अकोला जिले में 17 नवंबर, 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने एक रैली में सावरकर को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने मीडिया के सामने एक चिट्ठी दिखाते हुए कहा था कि यह चिट्‌ठी सावरकर ने अंग्रेजों को लिखी थी। इसमें उन्होंने खुद को अंग्रेजों का नौकर बने रहने की बात कही थी। साथ ही डरकर माफी भी मांगी थी। गांधी-नेहरू ने ऐसा नहीं किया, इसलिए वे सालों तक जेल में रहे। राहुल ने कहा था, ‘गांधी, नेहरू और पटेल कई साल जेल में रहे और कोई चिट्ठी नहीं साइन की। सावरकर जी ने इस कागज पर साइन किया, उसका कारण डर था। अगर डरते नहीं तो कभी साइन नहीं करते। सावरकर ने जब साइन किया तो हिंदुस्तान के गांधी, पटेल को धोखा दिया था। उन लोगों से भी कहा कि गांधी और पटेल भी साइन कर दें।’

साभार : दैनिक भास्कर

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *