पाकिस्तानी सरकार भारतीय कुलभूषण जाधव पर ले एक्शन : पाकिस्तान के पूर्व उच्‍चायुक्‍त

इस्लामाबाद. बलूचिस्तान स्थित बलूच अलगावाद विद्रोहियों के ताजा हमले और यात्रियों समेत पूरी ट्रेन को बंधक बनाए रखने की दुस्साहसिक घटना ने पाकिस्तान को हिलाकर रख दिया है। बलूच विद्रोहियों के इस हमले ने ये बता दिया है कि अब बलूचिस्तान का आजादी आंदोलन एक बड़ा रूप ले चुका है। साथ ही इसने पाकिस्तानी सेना की कमजोरी को भी खोलकर रख दिया, जिसे ट्रेन को वापस कब्जे में लेने में 36 घंटे लग गए। इस हमले के बाद पाकिस्तान तिलमिला उठा है। इसी मामले को लेकर पाकिस्तान के पूर्व राजनायिक और नई दिल्ली में उच्चायुक्त रहे अब्दुल बासित ने तो भारत के खिलाफ जमकर जहर उगला है। अब्दुल बासित ने इस हमले और बलूचिस्तान में हाल के दिनों में होने वाली हिंसा के पीछे भारत को जिम्मेदार बता डाला। बासित की तिलमिलाहट यही नहीं खत्म हुई, उन्होंने फर्जी जासूसी के आरोप में पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव के खिलाफ ऐक्शन लेने की मांग अपनी सरकार से कर डाली।

कुलभूषण जाधव का जिक्र

अब्दुल बासित ने एक वीडियो जारी कर कहा, मुझे न पहले शक था और न अब है कि कौन लोग हैं जो बीएलए, बीआरए और टीटीपी के पीछे हैं और फंडिंग कर रहे हैं। इसके बाद उन्होंने कुलभूषण जाधव के खिलाफ जहर उगला और कहा कि ‘अब समय आ गया है कि कुलभूषण जाधव के खिलाफ गंभीर ऐक्शन लिया जाये। उसकी दया याचिका पड़ी है, ठीक है उसके खिलाफ आईसीजे (इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस) ने आदेश दिया है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हम कुछ नहीं सकते।’

भारत के खिलाफ उगला जहर

पूर्व पाकिस्तानी राजनयिक ने जहर उगलते हुए पाकिस्तान में हिंसा के लिए भारत के साथ अमेरिका को भी लपेटे में ले लिया। उन्होंने कहा कि “मैं तो समझता हूं कि भारत का हिंसा फैलाने में बड़ा हाथ है।… साथ ही अमेरिका भी नहीं चाहता है कि ग्वादर बंदरगाह सफल हो।’ बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के सदस्यों को विद्रोही या अलगाववादी कहने को लेकर भी बासित की नाराजगी सामने आई। बासित ने भारत के जेम्स बॉण्ड कहे जाने वाले अजीत डोभाल के बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर पाकिस्तान कश्मीर में हमें छेड़ेगा तो हम भी बलूचिस्तान में उसे परेशान करेंगे। उन्होंने भारत और पश्चिमी देशों पर बलूचों के लिए आवाज उठाने वाले महरंग बलूच को हीरो बनाने का आरोप मढ़ दिया। बासित ने इसके पीछे पाकिस्तान सरकार से ऐक्शन लेने की मांग कर डाली।

साभार : नवभारत टाइम्स

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