रूस ने चेर्नोबिल परमाणु रिएक्टर पर किया हमला

मास्को. रूस और यूक्रेन के बीच जंग रुकने का नाम नहीं ले रही है, पिछले कई महीने से ये जंग चल रही है और इसमें अब तक लाखों लोगों की मौत हो चुकी है. इसी बीच अब यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने दावा किया है कि रूस ने यूक्रेन के न्यूक्लियर प्लांट पर हमला कर दिया है. जो बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. फिलहाल यूक्रेन के साइंटिस्ट रेडिएशन लेवल की जांच कर रहे हैं. इस हमले ने यूक्रेन और दुनिया के तमाम लोगों को उस हादसे की याद दिलाई है, जो कई साल पहले ठीक इसी जगह हुआ था.

चेर्नोबिल में एक और तबाही?

दरअसल यूक्रेन के चेर्नोबिल में ही परमाणु रिएक्टर्स रखे गए हैं, जिसे रूस ने अब निशाना बनाया है. ठीक इसी जगह आज से करीब 38 साल पहले भी बड़ी तबाही मची थी, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई और आज भी कई लोग इसके नतीजे भुगत रहे हैं. यही वजह है कि चेर्नोबिल को दुनियाभर में तमाम लोग जानते हैं.

कैसे हुआ था चेर्नोबिल हादसा?

दरअसल तब यूक्रेन सोवियत संघ में आता था, 26 अप्रैल 1986 को चेर्नोबिल नाम की जगह पर अचानक एक बड़ा परमाणु हादसा हो गया. न्यूक्लियर प्लांट में टेस्टिंग से ठीक पहले एक रिएक्टर पर काम चल रहा था, तभी न्यूक्लियर रिएक्शन हुआ और एक बड़ा धमाका सुनाई दिया. इस धमाके के बाद वहां काम करने वाले लगभग सभी 40 कर्मचारियों की तुरंत मौत हो गई.

हवा में फैला बेहद खतरनाक रेडिएशन

बताया गया कि इस धमाके में जो रिडियोएक्टिव रेडिएशन निकला वो हिरोशिमा और नागासाकी में गिराए गए बमों से कई गुना ज्यादा था. क्योंकि ये एक न्यूक्लियर प्लांट था, ऐसे में इसे आबादी से दूर बनाया गया था. अगर ये आबादी के बीच फटा होता तो लाखों लोग एक झटके में मर जाते. हालांकि ये रेडिएशन हवा में फैल गया और कई किलोमीटर दूर तक असर दिखाने लगा. जिसके बाद बेलारूस और यूक्रेन जैसे देशों के करीब 50 लाख से ज्यादा लोग रेडिएशन की चपेट में आए, उन्हें कई तरह की परेशानियां और बीमारियां हुईं. इस हादसे के बाद आसपास के करीब चार हजार लोगों की कैंसर से मौत हुई. अब यूक्रेन के राष्ट्रपति ने दावा किया है कि यहां के न्यूक्लियर रिएक्टर्स पर रूस ने हमला किया है, हालांकि अगर ये बात सच साबित होती है तो एक बार फिर तबाही जैसा मंजर दिख सकता है. फिलहाल रेडिएशन फैलने की बात सामने नहीं आई है.

साभार : एबीपी न्यूज

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