मेवाड़ी पगड़ी मुगलों के सामने कभी नहीं झुकी

– रेलमगरा के गिलुंड क्षेत्र में महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण

जयपुर. रेलमगरा क्षेत्र के गिलुंड कस्बे में प्रताप सर्कल पर महाराणा प्रताप की मूर्ति का अनावरण किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक निंबाराम, मुख्य अतिथि के रूप में विश्वराज सिंह मेवाड़ उपस्थित रहे। संत ज्ञानानंद जी, रामदास जी तथा अनुजदास जी का भी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। सर्वप्रथम अतिथियों ने महाराणा प्रताप की मूर्ति का अनावरण किया तथा उसी के समीप 50 फीट के पोल पर भारतीय संस्कृति का प्रतीक भगवा ध्वज को स्थापित किया। कार्यक्रम का प्रारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर राष्ट्रगीत वंदे मातरम् से हुआ।

मुख्य वक्ता ने कहा कि महाराणा प्रताप राष्ट्र की विरासत है। कोई भी महापुरुष स्थान अथवा जाति की सीमा से बंधे नहीं होते, अपितु राष्ट्र के नायक होते हैं। महाराणा प्रताप के आदर्श और जीवन मूल्य हमारे व्यक्तित्व का अंग बनें, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। आज हमें मेवाड़ का वास्तविक इतिहास पढ़ने की आवश्यकता है, निडर होकर हल्दीघाटी का सच और प्रताप की विजय गाथा को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है।

गिलुंड क्षेत्र के सर्व हिन्दू समाज की यह पहल एक उदाहरण बनेगी कि किस प्रकार हमें अपने महापुरुषों का सम्मान करना चाहिए और नवोदित पीढ़ी को हमारे महान इतिहास से अवगत करवाना चाहिए।

विश्वराज सिंह मेवाड़ ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन हम सबके लिए प्रेरणादायक तथा स्वाभिमान और संघर्ष की एक जीवंत कहानी है। दीप्ति माहेश्वरी तथा संत ज्ञानानंद जी ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों को महाराणा प्रताप की स्मृति चिन्ह बैठकर सम्मान किया गया तथा सामाजिक समरसता की दृष्टि से सहभोज का भी आयोजन हुआ।

साभार : विश्व संवाद केंद्र

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