पाकिस्तान में इमरान खान पर राजद्रोह का केस चलाकर मिलिट्री कोर्ट में घसीटने की तैयारी

इस्लामाबाद. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के पूर्व चीफ फैज हमीद को मिलिट्री कोर्ट ने 14 साल की सजा सुनाई गई है। गुरुवार को आए इस फैसले को पाक आर्मी चीफ असीम मुनीर की सफलता की तरह देखा जा रहा है क्योंकि फैज पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी हैं। ऐसे में असीम मुनीर समर्थकों ने इसे रास्ते का एक कांटा हटने की तरह देखा है। हालांकि अभी भी मुनीर की राह का सबसे बड़ा कांटा इमरान खान ही हैं। जेल में बंद होने के बावजूद इमरान ने बार-बार मुनीर के सामने मुश्किलें खड़ी की है। इमरान खान को लेकर असीम मुनीर की नफरत किसी से छिपी नहीं है। ऐसे में माना जा रहा है कि फैज को सजा में कामयाबी के बाद मुनीर की कोशिश इमरान को मिलिट्री कोर्ट में लाने की होगी। खान पर राजद्रोह का मुकदमा चलाया जा सकता है।

नागरिक अदालत में कई मुकदमों का सामना कर रहे इमरान खान पर मिलिट्री कोर्ट में केस चल सकता है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि पाकिस्तान का कानून मंत्रालय मुकदमा तैयार करने का काम कर रहा है। 9 मई 2023 की हिंसा को आधार बनाते हुए इमरान खान पर राजद्रोह, सेना में बगावत भड़काने और सैन्य ठिकानों पर हमले की साजिश रचने के मामले मिलिट्री कोर्ट में चलाए जा सकते हैं। इमरान खान की पार्टी पीटीआई पहले से ही ये डर जताती रही है कि उनके नेता को मिलिट्री कोर्ट में घसीटने की साजिश हो रही है।

खान पर राजद्रोह का केस

असीम मुनीर और शहबाज शरीफ की सरकार पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर मिलिट्री कोर्ट में राजद्रोह का मुकदमा चलाने में कामयाब होती है तो पाकिस्तान की राजनीति में बड़ी उथल पुथल देखने को मिल सकती है। खान के खिलाफ यह मुकदमा ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट और सैन्य कानूनों के तहत चलाया जाएगा।

सुरक्षा अधिकारियों ने CNN-News18 से बताया है कि जनरल फैज के मुकदमे के बयानों और सबूतों ने मुनीर को इमरान खान के खिलाफ मिलिट्री कोर्ट में मुकदमा चलाने का आधार दे दिया है। फैज के खिलाफ सबूतों को खान के खिलाफ भी बगावत भड़काने और सेना विरोधी आंदोलन को हवा देने से जोड़ा जा सकता है।

करीबियों पर भी कसेगा शिकंजा

सूत्रों के मुताबिक, इमरान खान के साथ उनके कुछ करीबी सहयोगियों को भी मिलिट्री कोर्ट में घसीटा जा सकता है। इनमें राजनीतिक लोगों के अलावा कुछ वरिष्ठ सैन्य अधिकारी हैं। इमरान के कई करीबियों के खिलाफ सबूतों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने पर आरोप तय किए जाएंगे। इसके बाद मिलिट्री कोर्ट में मुकदमे शुरू हो जाएंगे।

जनरल फैज को सजा होने के बाद पाकिस्तानी आर्मी के बयान में भी कुछ दूसरे लोगों पर शिकंजा कसने का संकेत मिलता है। बयान में कहा गया है कि अस्थिरता को बढ़ावा देने में संलिप्तता पर कार्रवाई की जाएगी। यह बयान इमरान खान और उनकी पार्टी के नेताओं की जांच बढ़ाने और मुकदमे की ओर इशारा करता है।

खान के खिलाफ क्या होंगे आरोप

इमरान खान पर लगाए जाने वाले संभावित आरोपों में राजद्रोह, विद्रोह भड़काना और 9 मई 2023 की हिंसा के दौरान सैन्य प्रतिष्ठानों और रणनीतिक संपत्तियों पर हमले की साजिश रचना शामिल है। ये आरोप 9 मई को खान की गिरफ्तारी के बाद भड़की हिंसा से जुड़े हैं। मिलिट्री कोर्ट में मुकदमा इमरान खान के जेल से बाहर आने को तकरीबन नामुमकिन बना सकता है।

इमरान खान के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश सेना की आक्रामक बयानबाजी के अलावा पीएमएलएन और पीपीपी जैसे पार्टियों की ओर से भी हो रही है। हाल ही में पंजाब असेंबली ने खान के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा चलाने और उनकी पार्टी PTI पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाला प्रस्ताव पारित किया है। पंजाब में मरियम नवाज के नेतृत्व में पीएमएलएन की सरकार है।

इमरान खान की मुश्किल

इमरान खान 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद से ही मुश्किल में घिरे हुए हैं। वह 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं। खान को तोशाखाना मामले में 14 साल, इद्दत के मुकदमे में सात साल और अल-कदीर ट्रस्ट केस में 14 साल की सजा हो चुकी है। 9 मई की हिंसा में अब उन पर इससे भी बड़ी सजा का खतरा मंडरा रहा है।

साभार : नवभारत टाइम्स

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