ऑन-सेट यादों से बचपन की कहानियों तक: सोनी सब कलाकारों ने किसान दिवस पर साझा किए अपने अनुभव

मुंबई, दिसंबर 2025: एक ऐसे राष्ट्र में जहाँ जीवन की लय मौसम और मिट्टी के चक्रों से गहराई से जुड़ी हैं, किसान समृद्धि और खाद्य सुरक्षा के मूक निर्माता बने हुए हैं — वे अन्नदाता जिनके हाथ देश के पोषण और आर्थिक रीढ़ को संवारकर रखते हैं। राष्ट्रीय किसान दिवस उनके जुझारूपन, चुनौतियों और अटूट समर्पण को सम्मानित करने का एक सच्चा अवसर है, जो देश को याद दिलाता है कि ये लोग भारत की प्रगति को आकार देने में किस कदर महत्वपूर्ण हैं। इस साल सोनी सब के कलाकारों ने कृषि समुदाय के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और बताया कि उनकी यात्राएँ और कहानियाँ, उन लोगों से कितनी गहराई से जुड़ी हुई हैं जो मिट्टी पर परिश्रम करते हैं।

पुष्पा इम्पॉसिबल में प्रोफेसर राजवीर शास्त्री का किरदार निभा रहे गौरव चोपड़ा ने कहा, “किसान प्रकृति की सबसे कड़ी परीक्षाओं का सामना अटूट सहनशीलता के साथ करते हैं — यह हमारी उन लंबे घंटों की तरह है जो हम सीन पर परफेक्ट करने में लगाते हैं — पर उनके पास कोई कैमरा, स्पॉटलाइट या तारीफ करने वाला दर्शक नहीं होता, बावजूद इसके उनका असर हर भारतीय घर तक पहुँचता है। उनका काम हर घर के लिए स्थिरता सुनिश्चित करता है। राष्ट्रीय किसान दिवस पर मैं उन्हें नमन करता हूँ, क्योंकि हमें उनके द्वारा रखी गई बुनियाद को पहचानना चाहिए।”

इत्ती सी खुशी में अन्विता का किरदार निभा रहीं सुम्बुल तौकीर खान ने कहा, “राष्ट्रीय किसान दिवस हमें याद दिलाता है कि हमारी ज़िंदगियाँ किसानों की मेहनत से कितनी गहराई से जुड़ी हुई हैं। उनका समर्पण हमारे राष्ट्र को पोषित और समृद्ध बनाए रखता है। इस दिन मैं हर किसान को उनके अटूट प्रयास और सहनशीलता के लिए सलाम करती हूँ — वे वाकई हमारे देश की रीढ़ हैं।”

इत्ती सी खुशी में विराट का किरदार निभा रहे रजत वर्मा ने कहा, “बचपन में मुझे अपने दादा-दादी के गांव जाना याद है, जहाँ मैं अक्सर सूर्योदय से पहले काम पर निकलते किसानों को देखता था। बचपन में ही उनके अनुशासन और शांत ताकत से मैं बहुत प्रभावित होता था। राष्ट्रीय किसान दिवस पर वही स्मृति मुझे याद दिलाती है कि हम उनकी मेहनत के कितने ऋणी हैं। उनका समर्पण पूरा देश चला रहा है, और मैं उनके प्रति वास्तव में आभारी हूँ।”

इत्ती सी खुशी में इंस्पेक्टर संजय भोसले की भूमिका निभा रहे ऋषि सक्सेना ने कहा, “जब भी मैं शूट्स के लिए ग्रामीण भारत से गुजरता हूँ, मैं हमेशा खेतों में दिन-रात मेहनत करते हुए किसानों को देख कर प्रभावित होता हूँ — चाहे मौसम कैसा भी हो। उनके समर्पण और धैर्य में कुछ बेहद प्रेरणादायक है। राष्ट्रीय किसान दिवस पर मैं उस भावना का सम्मान करना चाहता हूँ — वही साहस और दृढ़ता जो हम सबका पेट पालती है। वे वास्तव में इस देश का दिल हैं।”

इत्ती सी खुशी और पुष्पा इम्पॉसिबल देखना न भूलें — हर सोमवार से शनिवार, केवल सोनी सब पर

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