पर्यवेक्षक के सामने ही जोधपुर कांग्रेस के नेता संगठन सृजन अभियान की बैठक के दौरान भिड़े

जयपुर. राजस्थान कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान में एक बार फिर आंतरिक कलह ने धमाल मचा दिया है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गढ़ जोधपुर में शहर अध्यक्ष चुनाव को लेकर सूरसागर क्षेत्र की फीडबैक बैठक के दौरान स्थानीय नेताओं के बीच जमकर तू-तू मैं-मैं हो गई. एआईसीसी पर्यवेक्षक सुशांत मिश्रा की मौजूदगी में ही प्रीतम शर्मा और राजेश रामदेव आमने-सामने आ गए, जिससे माहौल गरमा गया. वन-टू-वन मीटिंग की लिस्ट पर विवाद इतना बढ़ा कि दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर चिल्लाते हुए व्यक्तिगत आरोप लगाए और अन्य कार्यकर्ताओं को बीच-बचाव करना पड़ा. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
बैठक सूरसागर विधानसभा क्षेत्र के एक सामुदायिक हॉल में आयोजित की गई थी, जहां करीब 150 से अधिक कार्यकर्ता मौजूद थे. संगठन सृजन अभियान के तहत शहर अध्यक्ष चुनाव के लिए फीडबैक इकट्ठा करने का कार्यक्रम था. पर्यवेक्षक सुशांत मिश्रा ने बैठक की शुरुआत में ही कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी, सभी की राय सुनी जाएगी. लेकिन जैसे ही वन-टू-वन मीटिंग की लिस्ट पर चर्चा शुरू हुई, विवाद भड़क गया. प्रीतम शर्मा, जो गहलोत गुट के करीबी माने जाते हैं, ने आरोप लगाया कि लिस्ट में पायलट गुट के समर्थकों को जानबूझकर शामिल नहीं किया गया.

पारदर्शी चुनाव की मांग कर रहे हैं पायलट गुट

उन्होंने कहा कि यह साजिश है, छोटे कार्यकर्ताओं को दबाया जा रहा है. इस पर राजेश रामदेव, पायलट गुट के प्रमुख समर्थक, भड़क गए. रामदेव ने शर्मा पर चिल्लाते हुए कहा कि तुम्हारी तानाशाही चलेगी नहीं. हम पारदर्शी चुनाव चाहते हैं, न कि तुम्हारी गुटबाजी. दोनों नेताओं के बीच नोकझोंक इतनी तीखी हो गई कि मिश्रा को बीच में आकर रोकना पड़ा. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि शर्मा कुर्सी से उठकर रामदेव की ओर इशारा करते हुए बोल रहे हैं, जबकि रामदेव भी हाथ हिलाते हुए जवाब दे रहे हैं .अन्य नेताओं जैसे शहजाद खान और राजेश सारस्वत ने दोनों को शांत कराया, लेकिन तब तक बैठक में हंगामा मच चुका था.

खुलकर सामने आई कांग्रेस की पुरानी गुटबाजी

राजस्थान कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान में कांग्रेस की पुरानी गुटबाजी खुलकर सामने आ गई. जोधपुर, जहां गहलोत का मजबूत आधार है, वहां संगठन चुनाव में ऐसी खींचतान पार्टी के लिए शर्मिंदगी का सबब बन गई. वायरल वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने तंज कसा कि कांग्रेस में संगठन सृजन का मतलब गुट सृजन? भाजपा ने इसे मौका बनाते हुए कहा कि कांग्रेस की एकजुटता का ढोंग अब बेनकाब हो गया.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि आंतरिक मुद्दों को सुलझा लेंगे,” लेकिन पायलट गुट के एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि पारदर्शिता की मांग दबाई नहीं जा सकती. आला कमान ने पर्यवेक्षक को निर्देश दिए हैं कि रिपोर्ट जल्द भेजें. फिलहाल, जोधपुर कांग्रेस कार्यालय में सन्नाटा है, लेकिन वायरल वीडियो ने आग को हवा दे दी है कि क्या यह गुटबाजी थमेगी या और भड़केगी? राजनीतिक गलियारों में यही सवाल गूंज रहा है.
साभार : न्यूज18

 

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