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बलूचिस्तान में बंदूकधारियों ने बस से यात्रियों को उतारकर नौ यात्रियों को मौत के घाट उतारा

Saransh Kanaujia
4 Min Read

क्वेटा. पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान में बंदूकधारियों ने बस को निशाना बनाया। झोब के सुर-दकाई इलाके में उग्रवादियों ने लाहौर जा रही बस में सवार नौ यात्रियों की हत्या कर दी। बंदूकधारियों ने हाईवे पर बस को रुकवाया। इसके बाद यात्रियों के पहचान पत्र देखकर उनको बस से नीचे उतारा और फिर गोली मार दी। अब तक किसी भी समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। झोब के सहायक आयुक्त नवीद आलम ने बताया कि झोब के सुर-दकाई इलाके में राजमार्ग पर क्वेटा से लाहौर जा रही दो बसों को बंदूकधारियों ने रोक लिया। इसके बाद उन्होंने बस में चढ़कर यात्रियों के पहचान पत्र देखे। इसमें जिन यात्रियों के पास पंजाब प्रांत के पहचान पत्र थे, उन नौ यात्रियों को बस से उतारा और गोली मार दी। उन्होंने कहा कि हमने नौ शवों को पोस्टमार्टम और दफनाने की प्रक्रिया के लिए अस्पताल भेज दिया है।

प्रतिबंधित संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने हमले की जिम्मेदारी ली है। सुरक्षा बलों ने राजमार्ग पर यातायात स्थगित कर दिया तथा अपराधियों का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया। यह पहली बार नहीं है कि उग्रवादियों ने पंजाब प्रांत के लोगों और बलूचिस्तान के विभिन्न राजमार्गों पर चलने वाली यात्री बसों को निशाना बनाया है। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री मीर सरफराज बुगती ने कहा कि पहचान के आधार पर निर्दोष लोगों की हत्या अक्षम्य अपराध है। उग्रवादियों ने साबित कर दिया है कि वे इंसान नहीं, बल्कि कायर जानवर हैं। बलूचिस्तान की धरती पर निर्दोषों का खून व्यर्थ नहीं जाएगा। राज्य इन हत्यारों को जमीन के नीचे भी छिपने नहीं देगा। गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने घटना की निंदा की और कहा कि आतंकवादियों ने निर्दोष लोगों को निशाना बनाकर सबसे बर्बरता दिखाई है।

क्वेटा, लोरलाई और मस्तुंग में हुए हमले

वहीं क्वेटा, लोरलाई और मस्तुंग में भी उग्रवादियों ने हमले किए, लेकिन सुरक्षा बलों ने इन हमलों को विफल कर दिया। बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने दावा किया कि सुरक्षा बलों ने हमलों को रोक दिया। उन्होंने कहा कि इनमें से किसी में भी किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

पाकिस्तान का सबसे गरीब इलाका है बलूचिस्तान

ईरान और अफगानिस्तान की सीमा से सटा बलूचिस्तान लंबे समय से हिंसक विद्रोह का केंद्र रहा है। बलूचिस्तान के पास गैस, खनिज और तटीय संपत्तियों जैसे प्राकृतिक संसाधन हैं, फिर भी यह पाकिस्तान का सबसे गरीब और सबसे अविकसित इलाका है। बलूच विद्रोही समूह अक्सर सुरक्षा कर्मियों, सरकारी परियोजनाओं और 60 अरब अमेरिकी डॉलर की चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) परियोजनाओं को निशाना बनाकर हमले करते रहते हैं।

साभार : अमर उजाला

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