विदेश मंत्रालय की फटकार के बाद भी भगवंत मान ने फिर दिया विदेश नीति पर ज्ञान

चंडीगढ़. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं पर टिप्पणी करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान को बीते कल विदेश मंत्रालय की ओर से फटकार लगाए जाने के बावजूद भगवंत मान ने शुक्रवार को एक बार फिर प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा पर व्यंग्य कसा। उन्होंने दलील दी कि क्या एक राज्य के मुख्यमंत्री को यह अधिकार नहीं है कि वह प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर सवाल कर सके और उनसे पूछ सके कि जिन देशों की यात्राओं पर वह गए हैं या जाते रहे हैं, क्या उनमें से कोई भी देश आप्रेशन सिंदूर के बाद पैदा हुई स्थिति में भारत के साथ खड़ा था?

विदेश मंत्री ने लगाई थी फटकार

इतना ही नहीं, मान ने एक कदम आगे बढ़ते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को ‘तड़ीपार’ तक कह दिया।मुख्यमंत्री ने सदन में भाखड़ा डैम पर पंजाब पुलिस की जगह सीआइएसएफ को तैनात करने के खिलाफ प्रस्ताव पर बोलेत हुए ये टिप्पणियां कीं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने बीते कल भी पीएम के खिलाफ टिप्पणियां की थीं जिसका विदेश मंत्रालय ने संज्ञान लेते हुए भगवंत मान के बयान को अनुचित बताया था और बयान जारी कर कहा था कि ये टिप्पणियां गैर-ज़िम्मेदाराना व खेदजनक हैं और राजकीय अथारिटी को शोभा नहीं देतीं। भारत सरकार ऐसी अनुचित टिप्पणियों से खुद को अलग करती है जो मित्र देशों से भारत के संबंधों को कमजोर करती हैं। मुख्यमंत्री मान ने दूसरे दिन कहा कि प्रधानमंत्री जी, जहां 140 करोड़ लोग रहते हैं, वहां आइए। उनके मसलों को सुलझाइए।

‘आप बिजनेस करवाने के लिए जाते हैं’

उन्होंने मैग्नेशिया, गैल्वेसिया, टारवेसिया का उल्लेख करते हुए कहा, ‘भगवान ही जाने वह किन-किन देशों का दौरा करते रहते हैं। वह 10,000 की आबादी वाले देश में जाते हैं और वहां सर्वोच्च पुरस्कार प्राप्त करते हैं। यहां, पंजाब में इतने लोग एक जेसीबी मशीन देखने के लिए इकट्ठा हो जाते हैं। वह क्या कर रहे हैं? उन्होंने पूछा कि क्या मुझे यह हक नहीं कि मैं विदेश नीति के बारे में जानना चाहूं। मैंने यह जानना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री जी जिस भी देश में जाते हैं वहां अडानी से व्यापार शुरू हो जाता है। इसका अर्थ यह नहीं कि वह केवल उनके लिए जाते हैं। ये बात क्यों नहीं मानते कि आप बिजनेस करवाने के लिए जाते हैं। क्या हम प्रधानमंत्री से पूछ नहीं सकते कि जब हमारे पाकिस्तान से संबंध खराब हुए तो क्या एक भी मुल्क हमारे साथ खड़ा हुआ? सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि सरकार गैंग्सटर लारेंस बिश्नोई को पंजाब की जेल में वापस लाने के लिए कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है।

आप क्या ही उम्मीद कर सकते

उन्होंने कहा कि उससे और उसके गिरोह से निपटने का एकमात्र यही तरीका है। लारेंस भाजपा के सरंक्षण में गुजरात की साबरमती जेल में बंद होते हुए भी पंजाब में आतंकी अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा अमित शाह को पहले गुजरात से ‘तड़ीपार’ रहने के लिए कहा गया था, अब ऐसे लोग केंद्रीय गृहमंत्री बन गए हैं तो आप और क्या उम्मीद कर सकते हैं। हरियाणा को पानी पर रहे नरम पिछले लंबे समय से हरियाणा को एक बूंद पानी न देने को लेकर उन पर हमला बोलने वाले मुख्यमंत्री आज हरियाणा पर नरम दिखे। उन्होंने कहा कि अगर चिनाब का पानी हमें मिलता है तो हमें हरियाणा को देने में क्या हर्ज है?

साभार : दैनिक जागरण

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