नसरुद्दीन ने आगरा की जामा मस्जिद में रखा था जानवर, क्या थी दंगा भड़काने की साजिश

लखनऊ. आगरा की शाही जामा मस्जिद में शुक्रवार को प्लास्टिक बैग में जानवर का सिर रखा मिला। सुबह जब लोग नमाज के लिए पहुंचे तो उनकी नजर बैग पर पड़ी।जानकारी मिलते ही सैकड़ों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग मस्जिद में पहुंच गए। जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी ने इसकी सूचना पुलिस को दी। बैग मस्जिद के हाल के एक कोने में रखा था। पुलिस ने वहां से बैग हटा दिया। पुलिस के सामने लोगों ने नारेबाजी की।

लोगों ने चेतावनी दी कि जल्द आरोपी को पकड़ा जाए, वरना बड़ा आंदोलन करेंगे। पुलिस के समझाने पर लोग शांत हुए। इसके बाद मस्जिद धुलवाई गई और दोपहर में जुमे की नमाज पढ़ी गई। नमाज के बाद फिर मुस्लिम समुदाय के लोग सड़क पर उतर आए और हंगामा करने लगे। पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। मगर वह नहीं माने। हंगामा बढ़ते देख पुलिस ने लाठी चार्ज कर सभी को खदेड़ दिया। मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को चार घंटे में अरेस्ट कर लिया। उसकी पहचान नजरुद्दीन के रूप में हुई है। वह टीला नंदराम मंटोला का रहने वाला है। उससे पूछताछ की जा रही है। वहीं, भाजपा ने कहा कि ये दंगे की साजिश थी।

पुलिस ने समझाने का प्रयास किया तो धक्का-मुक्की की

दोपहर करीब डेढ़ बजे नमाज के बाद लोग सड़क पर जुट गए। कुछ लोग मस्जिद की छतों पर चढ़ गए। लोगों ने हंगामा करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को समझाया। कहा- आरोपी को अरेस्ट कर लिया गया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है। मगर हंगामा करने वाले शांत नहीं हुए। पुलिस जब उन्हें समझाने लगी तो लोगों ने पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की कर दी। पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को लाठी चार्ज कर खदेड़ दिया। पुलिस ने चेतावनी दी कि हंगामा और माहौल खराब करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस लगातार रूट मार्च कर रही है।

CCTV से हुई आरोपी की पहचान

पुलिस ने सीसीटीवी के आधार पर नजरुद्दीन नाम के युवक को अरेस्ट किया। उससे पूछताछ की जा रही है। हालांकि, उसने ऐसा क्यों किया, यह बात पुलिस ने नहीं बताई। पुलिस कमिश्नर जे रवींद्र गौड़ ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए एसओजी और सर्विलांस सहित 100 लोगों की टीम लगाई थी। सीसीटीवी में युवक मुंह में रुमाल बांधे नजर आ रहा है। वह गुरुवार रात करीब 11 से 12 के बीच यह बैग रखकर गया। उसने दुकान से खरीदकर मस्जिद में यह रखा था। उससे पूछताछ की जा रही है कि उसने ऐसा क्यों किया और किसके कहने पर ऐसा किया। इस मामले में भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा- सांप्रदायिक दंगे कराने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। आगरा की जामा मस्जिद में कटे हुए जानवर का सिर रखने वाला नजरुद्दीन गिरफ्तार हुआ। पुलिस इस आरोपी के मोबाइल की कॉल डिटेल्स रिपोर्ट (CDR) निकाल रही है। उससे पता चलेगा कि कौन-कौन लोग इसके टच में थे।

सोची-समझी साजिश के तहत रखा बैग

जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद जाहिद कुरैशी ने बताया- सुबह 6 बजे मेरे पास मस्जिद के इमाम का फोन आया। उन्होंने मुझे पूरी घटना बताई। मैं वहां गया और देखा कि मस्जिद परिसर में एक बैग में जानवर का सिर रखा हुआ था। मैंने पुलिस को फोन किया। इस घटना से मुसलमानों में गुस्सा है। हम लोग वक्फ बिल का विरोध नहीं कर रहे हैं। मुसलमान अब समझदार हो गए हैं। यह घटना जानबूझकर की गई है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति इसलिए पैदा की गई है, ताकि मुसलमान कानून हाथ में ले। यह सोची-समझी साजिश है। आज तक आगरा में ऐसा नहीं हुआ। हम चाहते हैं कि आरोपी पर कार्रवाई हो और उसे जेल भेजा जाए।

साभार : दैनिक भास्कर

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