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ऑस्ट्रेलिया में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर लगा प्रतिबंध

Saransh Kanaujia
3 Min Read

कैनबरा. ऑस्ट्रेलिया  से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां बुधवार 10 दिसंबर से 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध लागू कर दिया गया। ऐसे में अब फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक, यूट्यूब, एक्स, स्नैपचैट, थ्रेड्स, रेडिट, ट्विच और किक जैसी कंपनियों को बच्चों के लिए अपनी सामग्री ब्लॉक करनी होगी। यदि ये कंपनियां नियम का पालन नहीं करती हैं, तो उन्हें 49.5 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

ऑस्ट्रेलिया सरकार के इस फैसले के बाद प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने एक वीडियो संदेश भी जारी किया, जिसमें अल्बनीज में इस फैसले को परिवारों की ताकत की वापसी बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम बच्चों को सिर्फ अपनी बचपन जीने का अधिकार देगा और माता-पिता को अधिक मानसिक शांति प्रदान करेगा। अल्बनीज ने यह भी कहा कि दुनिया ऑस्ट्रेलिया को देख रही है और अगर ऑस्ट्रेलिया कर सकता है तो अन्य देश क्यों नहीं।

बच्चों और माता-पिता की मिश्रित प्रतिक्रियाएं
हालांकि सरकार के इस फैसले को लेकर ऑस्ट्रेलिया में बच्चों और माता-पिता की मिश्रित प्रतिक्रिया सामने आई है। कुछ बच्चों ने कहा कि वे अब सोशल मीडिया तक नहीं पहुंच पाएंगे, तो कुछ ने चेहरे पर नकली दाढ़ी आदि दिखाकर प्लेटफॉर्म की उम्र पहचान तकनीक को चकमा देने की कोशिश की। वहीं माता-पिता और बड़े भाई-बहन भी कुछ बच्चों को प्रतिबंध से बचाने में मदद कर सकते हैं।

दस कंपनियों को भेजा जाएगा नोटिस
ईसेफ्टी कमिश्नर जूली इनमैन ग्रांट ने बताया कि सोशल मीडिया कंपनियों के पास पहले से ही उपयोगकर्ताओं की उम्र और व्यक्तिगत डेटा मौजूद है, जिससे उम्र का पता लगाना संभव है। उन्होंने कहा कि गुरुवार को 10 कंपनियों को नोटिस भेजा जाएगा कि वे उम्र प्रतिबंध कैसे लागू कर रही हैं और कितने अकाउंट बंद किए गए। क्रिसमस तक सरकार बताएगी कि यह नियम कितनी प्रभावी है।

कंपनियों को कानून से सहमत होना जरूरी- संचार मंत्री
इसके साथ ही संचार मंत्री अनिका वेल्स ने कहा कि कंपनियों को कानून से सहमत होना जरूरी नहीं है, लेकिन सभी ने ऑस्ट्रेलियाई कानून का पालन करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि टिकटॉक के 2 लाख से ज्यादा अकाउंट पहले ही बंद कर दिए गए हैं। वेल्स ने चेतावनी दी कि जो बच्चे अभी नियम से बच रहे हैं, उन्हें भी अंततः पकड़ा जाएगा। उदाहरण के लिए, कोई बच्चा वीपीएन का उपयोग करके खुद को नॉर्वे दिखाए, लेकिन यदि वह नियमित रूप से ऑस्ट्रेलियाई बीच या स्कूल गतिविधियों की तस्वीरें पोस्ट करेगा तो पकड़ में आ जाएगा।

साभार : अमर उजाला

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