गोवा अग्निकांड मामले में आरोपी लूथरा ब्रदर्स के साथी अजय गुप्ता को गोवा पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया

पणजी. गोवा में बिर्च बाय रोमीओ लेन में हुए आग मामले में गोवा पुलिस ने एक और आरोपी को हिरासत में लिया है। यह आरोपी अजय गुप्ता, जो नई दिल्ली का निवासी है, इस मामले से जुड़ा हुआ था। पहले उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था, ताकि वह देश या राज्य से बाहर जाने की कोशिश न कर सकें।

पुलिस टीम जब उनके निवास स्थान पर पहुंची, तो अजय गुप्ता वहां गायब पाए गए। इसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। अब अजय गुप्ता को दिल्ली से हिरासत में लेकर गोवा लाया गया है।

क्या है मामला

पूरा मामला 6-7 दिसंबर की मध्यरात्रि का है जब गोवा के बिर्च बाय रोमीओ लेन एक नाइट क्लब में आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी, हादसे के तुरंत बाद ही राज्य के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत स्थिती का जायजा लेने के लिए पहुंच गए थे। शुरुआती जांच में आग का कारण सिलेंडर ब्लास्ट बताया जा रहा था लेकिन जांच के बाद आग का कारण परिसर में रखे पटाखे से भड़कना सामने आया।

इस हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है और लोग अब नाइट क्लबों की सुरक्षा पर भी सवाल उठाने लगे हैं। देश के कई हिस्सों से नाइट क्लबों में सुरक्षा व्यवस्था की कमी के मामले सामने आने लगे हैं जिसपर प्रशासन और सरकार ने भी सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है।

लुथरा भाइयों पर कसा शिकंजा

वहीं हादसे के बाद से फरार चल रहे लूथरा भाइयों पर शिकंजा कसता जा रहा है। दिल्ली के इन कारोबारी भाइयों ने गोवा में कई लग्जरी नाइटक्लब और रेस्तरां खोले थे। आग लगते ही ये दोनों सीधे बैंकॉक भाग गए।

गोवा पुलिस और केंद्र सरकार अब इंटरपोल से ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करवाने की तैयारी में है ताकि इनकी सही लोकेशन और गतिविधियों का पता चल सके। इसके बाद रेड कॉर्नर नोटिस और एक्सट्राडिशन की प्रक्रिया शुरू होगी।

ये कोई पहला मामला नहीं जब कोई बड़ा अपराधी या घोटालेबाज भारत छोड़कर भाग गया हो। इससे पहले भी सालों से कई हाई-प्रोफाइल नाम इंटरपोल की लिस्ट में हैं और विदेशी जमीन पर बिना की किसी परेशानी के रह रहे हैं।

साभार : दैनिक जागरण

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *