मूडीज ने अदाणी समूह की रेटिंग आउटलुक को बढ़ाकर ‘स्टेबल’ कर दिया

मुंबई. क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody’s) ने अदाणी समूह की प्रमुख कंपनियों के लिए एक बड़ा और सकारात्मक फैसला लिया है. मूडीज ने अदाणी ग्रीन एनर्जी, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस और अदाणी इंटरनेशनल कंटेनर टर्मिनल प्राइवेट लिमिटेड (AICTPL) के आउटलुक को नेगेटिव से बदलकर स्टेबल कर दिया है. यह फैसला दिखाता है कि रेटिंग एजेंसी को इन कंपनियों के प्रदर्शन और वित्तीय स्थिति में स्थिरता पर भरोसा है.

किन कंपनियों की बढ़ी रेटिंग

  • अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) की दो इकाई- एजीईएल-आरजी1 और एजीईएल-आरजी2
  • अदाणी एनर्जी सॉल्यूशन लिमिटेड (एईएसएल) इकाई – एईएसएल-यूएसपीपी आरजी1
  • अदाणी इंटरनेशनल कंटेनर टर्मिनल प्राइवेट लिमिटेड (एआईसीटीपीएल)
‘स्टेबल’ आउटलुक का मतलब है कि मूडीज को लगता है कि अगले 12 से 18 महीनों में इन कंपनियों की वित्तीय स्थिति में कोई बड़ा जोखिम या गिरावट नहीं आएगी और उनकी रेटिंग्स में भी कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा. यह कंपनियों के लिए सकारात्मक संकेत है.

आउटलुक बदलने की अहम वजह

  • मूडीज के अनुसार कंपनियों की लोन और ऑपरेशन संरचना में मजबूती है.
  • कंपनियों का ऑपरेशन प्रदर्शन स्थिर रहा है.
  •  इन परियोजनाओं की रिंग-फेन्स्ड स्ट्रक्चर है, जिसका मतलब है कि ये कानूनी प्रक्रियाओं से सुरक्षित हैं और उनका कामकाज चलता रहेगा.
  • इनका कर्ज का ढांचा भी मजबूत है, जिसमें कोई बाहरी फंडिंग की जरूरत नहीं है.
  • अदाणी समूह ने रेटिंग एजेंसियों के साथ लगातार ट्रांसपेरेंट बातचीत की है और अपनी वित्तीय स्थिति को स्पष्ट रूप से उनके सामने रखा है.

कई वैश्विक रेटिंग एजेंसी ने बढाई रेटिंग

इससे पहले वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच, एसएंडपी और केयर एज ग्लोबल ने अदाणी समूह की कई कंपनियों की रेटिंग बढ़ा दी थी. फिच ने मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड, नॉर्थ क्वींसलैंड एक्सपोर्ट टर्मिनल, अदाणी इंटरनेशनल कंटेनर टर्मिनल प्राइवेट लिमिटेड, अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड), अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड और अदाणी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई लिमिटेड की रेटिंग बढ़ाई थी.

कमाल के रहे वित्तिय नतीजे

अदाणी पोर्टफोलियो ने इस वित्त वर्ष की पहली छमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन किया है, जिसमें 67,870 करोड़ रुपये (7.6 बिलियन डॉलर) का मजबूत पूंजीगत व्यय हुआ है, जबकि ईबीआईटीडीए बढ़कर 47,375 करोड़ रुपये (5.3 बिलियन डॉलर) के उच्च स्तर पर पहुंच गया. पूंजीगत व्यय में तेजी की वजह से टोटल एसेट्स 67,870 करोड़ रुपये बढ़कर 6,77,029 करोड़ रुपये (76 बिलियन डॉलर) हो गए.

साभार : एनडीटीवी

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