मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा पर थूकने वाला गिरफ्तार

लखनऊ. हरिद्वार से पवित्र गंगाजल ला रहे शिवभक्त की कांवड़ पर थूकने वाले आरोपी को पुरकाजी थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सोमवार रात में एसपी सिटी ने निरीक्षण के दौरान शिवचौक पर पहुंचकर पीड़ित शिवभक्त से बात की। पुरकाजी थानाध्यक्ष को वीडियो कॉल कर हवालात में बंद आरोपी दिखाया और माफी मंगवाई। बता दें कि गाजियाबाद जिले में मोदीनगर के गांव रोरी निवासी अंशुल शर्मा पुत्र नरेंद्र शर्मा ने 101 लीटर गंगाजल, उसकी बहन मुस्कान 31 लीटर गंगाजल व साथी मनीष ने 31 लीटर गंगाजल वाली कांवड़ लेकर गंतव्य की ओर रवाना हुए थे।

शिवभक्त अंशुल शर्मा ने बताया कि सोमवार की तड़के तीन बजे वह पुरकाजी में नगर पंचायत कार्यालय के सामने आकर विश्राम के लिए रुके थे। कांवड़ हाईवे पर रख दी थी। सुबह छह बजे अपनी बहन मुस्कान को छोड़कर निकट ही दिशा शौच के लिए चला गया। बहन ने फोन पर बताया कि एक युवक ने उसकी कांवड़ पर थूक दिया है, इससे कांवड़ खंडित हो गई। इसको लेकर कांवडियों ने हंगामा किया था। आरोपित युवक का मकान पास में ही बताया गया, जिस कारण उत्तेजित कावड़ियों ने उसके घर में घुसने का भी प्रयास किया था। बाद में पुलिस ने जिम्मेदार लोगों की मदद से हरिद्वार से गंगाजल मंगवाकर शिवभक्त को दिया था, तब मामला शांत हुआ था। इसके बाद पुरकाजी थाना पुलिस ने आरोपित उस्मान को उसके मकान से गिरफ्तार कर लिया। उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है।

उधर, देर रात एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत शिव चौक पर पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ित शिवभक्त अंशुल शर्मा व उसकी बहन मुस्कान से बात की तथा आरोपित उस्मान की गिरफ्तारी के संबंध में जानकारी दी। साथ ही एसपी सिटी ने पुरकाजी थानाध्यक्ष को वीडियो कॉल कर हवालात में बंद आरोपी से माफी मंगवाई। उन्होंने शिवभक्त से कहा कि गलती हो जाती है, लेकिन गलती करने की सजा युवक को मिलेगी। इस पर शिवभक्त मुस्कान कहने लगी कि हिंदुओं से गलती नहीं होती, मुस्लिमों से ही क्यों होती है।

साभार : दैनिक जागरण

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *